लाल निशान पर कारोबार कर रहे सेंसेक्स और निफ्टी
Share Market Live (द भारत ख़बर), बिजनेस : तीन दिन की छुट्टी के बाद आज यानी सोमवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सुस्त रही। खुलने के कुछ ही देर बाद शेयर बाजार में नकारात्मक माहौल बन गया और यह लाल निशान पर कारोबार करने लगा। हालांकि इस बात की आशंका पहले ही जताई जा रही थी कि शेयर बाजार में आज गिरावट रहेगी। क्योंकि भारतीय शेयर बाजार तीन दिन बंद रहा लेकिन इस दौरान एशिया के अन्य प्रमुख बाजारों में गिरावट दर्ज की गई थी। सोमवार दोपहर साढ़े 12 बजे तक सेंसेक्स अपने पिछले स्तर से 330 अंक व निफ्टी करीब 77 अंक नीचे कार्य कर रहा था।
निफ्टी 24 हजार के मनोवैज्ञानिक स्तर से फिसला
आज बिजनेस के दौरान निफ्टी अपने पिछले स्तर से नीचे आते हुए 24 हजार के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे आ गया। इस ‘म्यूटेड’ यानी सुस्त शुरूआत के पीछे वैश्विक स्तर पर बढ़ रहे भू-राजनीतिक तनाव को मुख्य कारण माना जा रहा है।
बाजार में सुस्ती की यह है वजह
घरेलू बाजार के इस मिले-जुले और सतर्क रुख का सीधा कनेक्शन अंतरराष्ट्रीय हलचलों से है। दरअसल, सप्ताहांत (वीकेंड) के दौरान ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर से गहरा गया है। इस भू-राजनीतिक (जियोपॉलिटिकल) तनातनी का सीधा असर कच्चे तेल पर पड़ा है, जिसके कारण तेल (आॅयल) की कीमतों में हल्का उछाल दर्ज किया गया है। ऊर्जा की कीमतों में इस बढ़ोतरी ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क कर दिया, जिसके चलते सोमवार को बाजार की शुरूआत ठंडी रही।
73 डॉलर से नीचे आई ब्रेंट क्रूड आॅयल की कीमत
अंतरराष्ट्रीय बाजार में 29 जून 2026 को ब्रेंट क्रूड आॅयल की कीमत 71.88 से 72.51 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के बीच और डब्ल्यूटीआई क्रूड की कीमत करीब 69.94 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रही है । वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में यह उतार-चढ़ाव और तेजी अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में शिपिंग बाधित होने की चिंताओं के कारण आई है। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में अमेरिका-ईरान के बीच शांति होने और होर्मुज की स्थिति सामान्य होने से क्रूड के दाम कम और स्थिर होंगे।

