कहा- एसआईआर की प्रक्रिया मनमानी और लोकतंत्र विरोधी
SIR, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: एसआईआर के खिलाफ एक बार फिर से पूरा विपक्ष लामबंद हो रहा है। इंडी गठबंधन की 23 पार्टियां ने इसके खिलाफ मंगलवार को देश के चीफ जस्टिस सूर्यकांत को एक चिट्ठी लिखी है, जिसमें आम आदमी पार्टी और डीएमके भी शामिल है। लेटर पर कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) समेत 23 विपक्षी दलों और निर्दलीय राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने हस्ताक्षर किए हैं।
लेटर में कहा गया है कि जब लोकतांत्रिक संस्थाएं अपेक्षित तरीके से काम नहीं करतीं, तब देश की जनता न्यायपालिका की ओर उम्मीद से देखती है। इसमें चुनाव आयोग की भूमिका और एसआईआर प्रक्रिया से विभिन्न राज्यों में लोगों पर पड़े प्रभाव की बात की गई।
एफआईआर का उद्देश्य मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाना
डीएमके के प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने आरोप लगाया कि एसआईआर की प्रक्रिया मनमानी और लोकतंत्र विरोधी है। एफआईआर का उद्देश्य मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाना है, जबकि लोकतंत्र का आधार सभी वयस्क नागरिकों को वोट का अधिकार देना है।
इन नेताओं ने किए हस्ताक्षर
सूत्रों के मुताबिक, लेटर पर साइन करने वालों में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, राजद नेता तेजस्वी यादव, सपा प्रमुख अखिलेश यादव, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और वाम दलों के नेता शामिल हैं। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि 8 जून को इंडिया ब्लॉक की बैठक में लेटर भेजने का फैसला लिया गया था।
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