जानिक सिनर और एलेक्जेंडर ज्वेरेव के बीच होगी खिताबी भिड़ंत, जो भी खिलाड़ी फाइनल जीतेगा वह नया रिकॉर्ड कायम करेगा
Wimbledon 2026 Mens Final (द भारत ख़बर), खेल डेस्क : टेनिस जगत के सबसे अहम और पंसदीदा खिताबों में से एक विंबलडन ओपन का आज फाइनल खेला जाएगा। इस बार यह फाइनल मैच दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी जानिक सिनर और फ्रेंच ओपन चैंपियन एलेक्जेंडर ज्वेरेव के बीच खेला जा रहा है। आज होने वाले मैच में जहां दर्शकों और टैनिस के प्रशंसकों को बेहतरीन खेल का इंतजार रहेगा। वहीं आज जो भी खिलाड़ी फाइनल मैच जीतेगा उसके पास एक बेहद खास रिकॉर्ड अपने नाम करने का भी मौका होगा।
दोनों खिलाड़ियों के पास रिकॉर्ड बनाने का मौका
आज के फाइनल में एक तरफ जहां सिनर अपने पांचवें ग्रैंडस्लैम और लगातार दूसरा विंबलडन खिताब जीतने के इरादे से उतरेंगे तो वहीं ज्वेरेव लगातार दूसरा ग्रैंडस्लैम जीतकर नया कीर्तिमान बनाने के इरादे से उतरेंगे। सोमवार को जारी होने वाली एटीपी रैंकिंग में कार्लोस अलकराज को पछाड़कर दुनिया के दूसरे नंबर के खिलाड़ी बन जाएंगे। अब उनके सामने सिनर के वर्चस्व को तोड़ने और पुरुष टेनिस में नई प्रतिद्वंद्विता को और रोमांचक बनाने का सुनहरा अवसर होगा।
सिनर के लिए उतार-चढ़ाव का सफर
24 वर्षीय सिनर का इस साल ग्रैंडस्लैम में प्रदर्शन उनके ऊंचे मानकों के हिसाब से उतार-चढ़ाव भरा रहा। आॅस्ट्रेलियन ओपन के सेमीफाइनल में उन्हें नोवाक जोकोविक से हार मिली, जबकि फ्रेंच ओपन में दो सेट की बढ़त के बावजूद वह जुआन मैनुअल सेरुंडोलो से हार गए। विंबलडन में भी शुरूआत पांच सेट के संघर्षपूर्ण मुकाबले से हुई, लेकिन उसके बाद उन्होंने एक भी सेट नहीं गंवाया और सेमीफाइनल में सात बार के चैंपियन जोकोविक को सीधे सेटों में हराकर फाइनल में जगह बनाई। दूसरी ओर 29 वर्षीय ज्वेरेव के लिए यह विंबलडन अब तक का सबसे सफल अभियान रहा है। इससे पहले वह कभी चौथे दौर से आगे नहीं बढ़ पाए थे।
एलेक्जेंडर ज्वेरेव के पास बड़ा मौका
पिछले महीने फ्रेंच ओपन जीतकर अपने करियर का पहला ग्रैंड स्लैम खिताब हासिल करने वाले जर्मन खिलाड़ी एलेक्जेंडर ज्वेरेव अब लगातार दूसरा मेजर जीतने के करीब हैं। यदि वह रविवार को जीत दर्ज करते हैं तो ओपन युग में अपना पहला ग्रैंडस्लैम जीतने के बाद लगातार दूसरा ग्रैंडस्लैम जीतने वाले पहले खिलाड़ी बन जाएंगे। साथ ही वह एक ही वर्ष में फ्रेंच ओपन और विंबलडन जीतने वाले ओपन युग के सिर्फ सातवें खिलाड़ी भी बन सकते हैं।
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