गुरुग्राम: साइबर सिटी गुरुग्राम में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दी. अपनी ही महिला दोस्त को मौत के घाट उतारने के बाद खुद भी ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दिया. पुलिस ने बताया कि आरोपी युवक की पहचान श्रेष्ठ मलिक जबकि मृतका की पहचान इशाका के रूप में हुई है. पुलिस ने बताया कि पहले युवती की चाकुओं से गोदकर बेरहमी से हत्या की और उसके बाद खुद भी जान दे दी.
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतका की पहचान इशाका के रूप में हुई है. इशाका गुरुग्राम के सेक्टर-55 इलाके में रहती थी. इस पूरी वारदात का खुलासा तब हुआ जब इशाका के परिजनों ने उसे कई बार फोन किया, लेकिन उसकी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला. लगातार फोन न उठने पर परिजनों को किसी अनहोनी की आशंका हुई और उन्होंने तुरंत गुरुग्राम पुलिस को इसकी सूचना दी.
परिजनों के फोन पर पहुंची पुलिस
सूचना मिलते ही पुलिस की एक टीम सेक्टर-55 स्थित इशाका के कमरे पर पहुंची. जब पुलिस ने कमरे का दरवाजा खोला, तो अंदर का नजारा देखकर उनके भी होश उड़ गए. कमरे के अंदर इशाका का खून से लथपथ शव पड़ा हुआ था. उसके शरीर पर चाकू से किए गए कई वार के गहरे निशान थे.
हत्या के बाद रेलवे स्टेशन पहुंचा आरोपी
इधर पुलिस इशाका की हत्या की जांच में जुटी ही थी कि दूसरी तरफ एक और सनसनीखेज खबर आ गई. इशाका की हत्या करने के बाद आरोपी युवक सीधा गुरुग्राम रेलवे स्टेशन पहुंच गया. वहां जाकर उसने एक तेज रफ्तार ट्रेन के आगे छलांग लगा दी, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई. ट्रेन के आगे कटकर जान देने वाले इस युवक की पहचान श्रेष्ठ मलिक के रूप में हुई है, जो पेशे से एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर था.
जांच में जुटी गुरुग्राम पुलिस
गुरुग्राम पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए श्रेष्ठ मलिक और इशाका, दोनों के शवों को अपने कब्जे में ले लिया है और उन्हें पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में भिजवा दिया है. पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए फोरेंसिक टीम की भी मदद ली है.
फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर श्रेष्ठ मलिक और इशाका के बीच ऐसा क्या विवाद हुआ था, जिसके चलते श्रेष्ठ ने इतना खौफनाक कदम उठाया. पुलिस दोनों के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स (CDR) और व्हाट्सएप चैट्स भी खंगाल रही है, ताकि हत्या और आत्महत्या की इस खौफनाक गुत्थी को सुलझाया जा सके.
