नई दिल्ली. चयनकर्ताओं ने भारतीय टीम के मार्च में आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप का खिताब दिलाने वाले कप्तान सूर्यकुमार यादव को उनके पद से हटा दिया. श्रेयस अय्यर को अचानक टीम की जिम्मेदारी दी गई. ये फैसला आयरलैंड और इंग्लैंड के दौरे पर गलत साबित हुआ. पहली बार आयरलैंड ने भारत का सीरीज में क्लीन स्वीप किया तो इग्लिश टीम ने 4-0 से हराया. एक तरफ जहां श्रेयस की शुरुआत बतौर कप्तान लगातार 6 हार से हुई तो वहीं चार ऐसे भारतीय कप्तान हैं जिनके जीत का प्रतिशत 100 का रहा.
भारतीय क्रिकेट टीम की कप्तानी संभालना किसी भी खिलाड़ी के लिए बड़े सम्मान की बात होती है. केवल कुछ ही कप्तान ऐसे रहे हैं जिन्होंने कप्तान के रूप में अपने करियर में हार का स्वाद नहीं चखा. वीरेंद्र सहवाग, सुरेश रैना, केएल राहुल और जसप्रीत बुमराह ऐसे ही चार भारतीय कप्तान हैं, जिनका टी20 अंतरराष्ट्रीय कप्तानी रिकॉर्ड 100 प्रतिशत जीत का रहा.

वीरेंद्र सहवाग भारत की तरफ से टी20 इंटरनेशनल में कप्तानी करने वाले पहले कप्तान बने. उन्होंने टीम के लिए सिर्फ एक ही मुकाबले में कप्तानी की लेकिन इसमें जीत दिलाई. साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेले गए एक मात्र अपने टी20 मैच में टीम को जीत दिलाकर वो 100 प्रतिशत जीत का रिकॉर्ड रखने वाले कप्तान बने.
भारत के लिए टी20 में सुरेश रैना ने सिर्फ तीन मैच में कप्तानी का जिम्मा उठाया. कमाल की बात यह कि इन तीनों ही मुकाबले में उनकी कप्तानी में भारतीय टीम को जीत मिली. रैना अपनी शानदार फील्डिंग, उपयोगी बल्लेबाजी और शांत नेतृत्व शैली के लिए जाने जाते रहे हैं.
भारतीय टीम में हर तरह की जिम्मेदारी उठाने के लिए हमेशा तैयार रहने वाले केएल राहुल टी20 में टीम की कप्तानी भी कर चुके हैं. साल 2022 में उनको साउथ अफ्रीका के खिलाफ रोहित शर्मा को आराम दिए जाने पर कप्तानी का मौका मिला था. राहुल ने अपने पहले और एक मात्र मैच में भारत को जीत दिलाई थी.
तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने 2 टी20 इंटरनेशनल में भारतीय टीम की कमान संभाली. उन्होंने शानदार गेंदबाजी के साथ अच्छी कप्तानी का भी नजारा दिखाया. टीम को जीत मिली और वो उन भारतीय कप्तानों की लिस्ट में शामिल हो गए जिनको कभी हार का सामना नहीं करना पड़ा

