Adani Group denies airline business : अडाणी इंटरप्राइजेज लिमिटेड (AEL) ने शुक्रवार को उन मीडिया रिपोर्ट को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया है कि अडाणी ग्रुप अपनी एयरलाइन कंपनी लाने पर विचार कर रही है। कई मीडिया रिपोर्ट में कहा गया था कि अडाणी ग्रुप अपनी एयरलाइन कंपनी लाने पर विचार कर रही है।
खबरों को बेबुनियाद बताया
अडाणी इंटरप्राइजेज लिमिटेड के प्रवक्ता ने कहा, ”हम उन मीडिया रिपोर्ट और बाजार की अटकलों को खारिज करते हैं, जिसमें कहा गया है कि अडाणी ग्रुप एयरलाइन लाने पर विचार कर रही है।” उन्होंने कहा, ”ये रिपोर्ट बेबुनियाद और तथ्यों के लिहाज से गलत हैं। अडाणी इंटप्राइजेज एयरलाइन बिजनेस में उतरने के किसी भी प्रस्ताव पर विचार नहीं कर रही है।”
इंटीग्रेटेड एयरपोर्ट सिटी की घोषणा
अडानी एयरपोर्ट्स ने हाल ही में अपने एयरपोर्ट नेटवर्क वाले पांच राज्यों में इंटीग्रेटेड एयरपोर्ट सिटीज विकसित करने का एक बड़ा प्रोग्राम पेश किया है। इसके पहले चरण में 20,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश किया जाएगा। इस डेवलपमेंट में पांच राज्यों के छह एयरपोर्ट्स पर 655 एकड़ से ज्यादा जमीन शामिल है, जिसमें अकेले मुंबई और नवी मुंबई में लगभग 440 एकड़ जमीन है।
2.2 करोड़ वर्ग फीट जमीन होगी विकसित
भारत के सबसे बड़े निजी एयरपोर्ट ऑपरेटर अडाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (AAHL) के पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी अडाणी एयरपोर्ट सिटी लिमिटेड (AACL) मुंबई, नवी मुंबई, अहमदाबाद, लखनऊ, जयपुर और गुवाहाटी जैसे शहरों में लगभग 2.2 करोड़ वर्ग फीट जमीन को विकसित किया जाएगा
क्या थी रिपोर्ट?
एक सूत्र ने अपनी पहचान सार्वजनिक न करने की शर्त पर बताया था कि अडाणी समूह देश में एयरलाइन कंपनी लाने पर विचार कर रहा है। उसने कहा था कि एयरलाइन इंडस्ट्री में उतरने के बारे में कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। ग्रुप इस पर अभी विचार रहा है, क्योंकि यह एक जोखिमभरा कारोबार है जिसमें पैसा बनाना आसान नहीं है। सूत्र ने बताया, ”यह एक मुश्किलभरा कारोबार है, लेकिन अडाणी समूह राष्ट्रहित में इसमें उतरना चाहता है। सरकार ने इस बात की ओर इशारा किया था कि एयर इंडिया मुश्किलों से जूझ रही है और इंडिगो के संकट में आने का मतलब है कि देश को एक और अहम विमानन कंपनी की जरूरत है।”

