नई दिल्ली. क्रिकेट की दुनिया में अपना नाम कमाने वाले कई भारतीय दिग्गज को उनके कद की वजह से नजर अंदाज किया गया था. क्रिकेट में अक्सर लंबी कद-काठी वाले खिलाड़ियों को अधिक प्रभावशाली माना जाता है. कई ऐसे दिग्गज बल्लेबाज हुए हैं जिन्होंने अपने छोटे कद के बावजूद विश्व क्रिकेट पर अमिट छाप छोड़ी. बल्लेबाजी की शानदार तकनीक, बेहतरीन टाइमिंग और सबसे जरूरी कुछ कर गुजरने की जिद इन खिलाड़ियों ने सफल बनाती है.
क्रिकेट इतिहास की सबसे खूंखार गेंदबाजी आक्रमण वाली टीम का सामना बिना हेलमेट पहने खेलने के लिए हिम्मत चाहिए. भारतीय क्रिकेट के महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने इसको लंबे समय तक किया. छोटे कद के इस बड़े हौसले वाले खिलाड़ी ने टेस्ट क्रिकेट में 10,000 रन पूरे कर इतिहास रचा. लगभग 5 फीट 5 इंच लंबे गावस्कर ने दुनिया के सबसे खतरनाक तेज गेंदबाजों का डटकर सामना किया.

एक और भारतीय दिग्गज गुंडप्पा विश्वनाथ का नाम भी विश्व क्रिकेट में हमेशा लिया जाएगा. उनके नाम अनूठा रिकॉर्ड दर्ज है, जब भी इस बैटर ने टेस्ट क्रिकेट में शतक लगाया भारत कभी नहीं हारा. गुंडप्पा ने 91 टेस्ट की 155 पारियों में 6,080 रन बनाए औसत 41.93 रहा. इसमें 14 शतक और 35 अर्धशतक जड़े और सबसे बड़ी पारी 222 रन की रही.
क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर भी बहुत लंबे कद के खिलाड़ी नहीं थे. उन्होंने अपने बल्ले से ऐसे रिकॉर्ड बनाए जिसे तोड़ना नामुमकिन जैसा लगता है. इंटरनेशनल क्रिकेट में 100 शतक और 34 हजार से अधिक रन उनके महान करियर की कहानी बयां करते हैं. 200 टेस्ट मैच खेलने का रिकॉर्ड तो शायद ही कभी टूटेगा.
भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे कम उम्र के खिलाड़ी जिसने मैदान पर कदम रखा तो लगा कोई स्कूल का बच्चा खेलने आ गया. विकेटकीपर-बल्लेबाज पार्थिव पटेल ने बेहद कम उम्र में भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट खेला. साल 2002 में इंग्लैंड के खिलाफ ट्रेंट ब्रिज में जब उन्होंने डेब्यू किया तो महज 17 साल 153 दिन के थे. तब वो सबसे कम उम्र में टेस्ट खेलने वाले दुनिया के विकेटकीपर बने.

