EPFO New rules: वर्तमान में किया गया निवेश ही भविष्य में काम आता है। नौकरीशुदा लोगों के लिए ईपीएफ (EPF) किसी वरदान से कम नहीं है। इसमें जमा रकम रिटायरमेंट के बाद न सिर्फ वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करने में मदद करती है, बल्कि बुढ़ापे का सहारा भी बनती है। साल 2026 में केंद्र सरकार ने कर्मचारियों के लिए ईपीएफ को और ज्यादा फायदेमंद बनाने की दिशा में इसके नियमों में कई बदलाव किए हैं। चलिए, इन बदलावों के बारे में जानते हैं।
पीएफ क्लेम का तेज निपटारा
एक समय था, जब पीएफ क्लेम करने के बाद सैटलमेंट होने में महीने भर से ज्यादा समय लग जाता था। सरकार ने इस व्यवस्था को बदलने के लिए बड़ी पहल की है। नए नियमों के तहत पीएफ क्लेम का निपटारा सिर्फ 3 दिनों में हो जाएगा। इससे कर्मचारियों को बड़ी सहूलियत मिलेगी।
पीएफ निकासी के नियम आसान
आपातस्थिति आने पर पीएफ से एडवांस निकलना बेहद मुश्किल काम था। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। नए नियमों के मुताबिक शादी, बीमारी, मकान बनाने, बच्चों की शिक्षा वगैरह के लिए पीएफ से निकासी के नियम आसान कर दिए गए हैं। अब इसके लिए बहुत ज्यादा पूछताछ नहीं होगी और रकम की निकासी आसानी से होगी।
डिजिटल प्रक्रिया पर जोर
चाहे पीएफ से एडवांस लेना हो या क्लेम का निपटारा करना हो, इन सब में बहुत ही ज्यादा कागजी प्रक्रिया करना पड़ता था। लेकिन नए नियमों के मुताबिक सरकार अब पूरे डिपार्टमेंट को डिजिटलाइज करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। अब कागज के बजाय कंप्यूटर पर जोर दिया जाएगा, जिससे बहुत कम समय में ज्यादा से ज्यादा काम संभव होगा।
12% योगदान में कोई बदलाव नहीं
बेसिक पे का 12% कर्मचारी और 12% नियोक्ता के नियम में कोई बदलाव नहीं किया गया। कर्मचारी पहले की तरह अपने बेसिक पे का 12% ईपीएफ में अंशदान करेंगे, जबकि इतनी ही रकम नियोक्ता अपनी तरफ से कर्मचारी के खाते में अंशदान करेगा।
UAN और ऑनलाइन सेवाएं मजबूत
नए नियम के मुताबिक, UAN और ट्रैकिंग को पहले से ज्यादा बेहतर बनाया जाएगा। UAN की वजह से ही ईपीएफ की प्रक्रिया बेहद आसान हुई है।
बेरोजगारी में निकासी के नियम स्पष्ट
नए नियम के मुताबिक, कर्मचारी नौकरी छूटने पर PF का 75% तक निकासी कर सकते हैं।

