Ola Electric Q1 result: देश की इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन बनाने वाली कंपनी Ola Electric की वित्तीय सेहत सुधरने का नाम नहीं ले रही है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी के कंसोलिडेट नेट लॉस में कमी आई है, लेकिन इस तिमाही के रेवेन्यू में साल दर साल आधार पर जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई है। कंपनी ने इस गिरावट के लिए रीस्ट्रक्चरिंग को जिम्मेदार ठहराया है।
336 करोड़ रुपये का नेट लॉस
जून तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेट नेट लॉस 336 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही में 428 करोड़ रुपये था। साल दर साल आधार पर रेवेन्यू 45% गिरकर 828 करोड़ रुपये से 455 करोड़ रुपये पर आ गया। हालांकि, EBIDTA लॉस साल दर साल आधार पर 237 करोड़ रुपये से घटकर 165 करोड़ रुपये पर आ गया है। अन्य आमदनी 68 करोड़ रुपये से घटकर 29 करोड़ रुपये पर आ गई है।
रीस्ट्रक्चरिंग को बताया जिम्मेदार
साल-दर-साल आधार पर गिरावट के बावजूद, ओला इलेक्ट्रिक ने अपने ऑटोमोटिव बिजनेस में तिमाही-दर-तिमाही अच्छी रिकवरी की बात कही। कंपनी ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही को अपने ऑपरेशनल रीस्ट्रक्चरिंग के प्रयासों के बाद पहली पूरी तिमाही बताया।
रजिस्ट्रेशन में बढ़ोतरी की बात कही
शेयरहोल्डर्स को लिखे पत्र में कंपनी ने कहा कि रजिस्ट्रेशन में तिमाही-दर-तिमाही 97% की तेज बढ़ोतरी हुई, जो इसी दौरान इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर मार्केट की 17% ग्रोथ से कहीं ज्यादा है। जून तिमाही में ओला का मार्केट शेयर पिछली तिमाही के 5.1% से बढ़कर 8.4% हो गया, जबकि ऑटोमोटिव रेवेन्यू में तिमाही-दर-तिमाही 72% की बढ़ोतरी हुई।
ऑपरेटिंग खर्च घटा
कंपनी ने कहा कि वित्त वर्ष 2026 में लागत कम करने के बड़े कदमों के बाद, यह ग्रोथ एक छोटे ऑपरेटिंग बेस पर हासिल की गई। तिमाही-दर-तिमाही आधार पर कुल ऑपरेटिंग खर्च 22% घटकर 333 करोड़ रुपये रह गया और मैनेजमेंट ने स्थिर ऑपरेटिंग लागत बेस को प्रति तिमाही 300 करोड़ रुपये के करीब लाने के अपने लक्ष्य को दोहराया।

