
JPSC Exam Controversy: झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है। रांची में सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच बातचीत के बावजूद परीक्षा रद्द करने की मांग पर अभी कोई सहमति नहीं बन पाई है। सरकार ने छात्रों की शिकायतों पर विचार करने और परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सुझाव लेने की बात कही है। वहीं, कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी शनिवार को प्रयागराज पहुंच रहे हैं, जहां वह छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं से संवाद करेंगे।
JPSC परीक्षा रद्द करने की मांग पर अड़े छात्र
रांची में JPSC-JSSC परीक्षाओं को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन कई दिनों से जारी है। प्रदर्शनकारी खास तौर पर 14वीं JPSC संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने और अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं। छात्रों की ओर से CBI और अन्य एजेंसियों से जांच कराने की मांग भी उठाई गई है छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा। शुक्रवार और शनिवार को सरकार और छात्रों के प्रतिनिधियों के बीच हुई बातचीत के बाद भी गतिरोध पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। छात्रों ने साफ किया है कि सिर्फ आश्वासन से आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। यह आंदोलन 25 जुलाई से जारी है और अब यह झारखंड में बड़ा मुद्दा बन चुका है।
सरकार ने कहा- छात्रों के सुझावों से बनेगी नीति
झारखंड सरकार ने छात्रों के साथ बातचीत के बाद परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए व्यापक सुझाव लेने का फैसला किया है। राज्य सरकार ने JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए छात्रों तथा अन्य हितधारकों से सुझाव मांगे हैं। सरकार की ओर से एक ईमेल चैनल भी शुरू किया गया है, जिस पर छात्र, अभ्यर्थी और अन्य लोग परीक्षा सुधार से जुड़े अपने सुझाव भेज सकते हैं। मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के मुताबिक सरकार विभिन्न छात्र समूहों से बातचीत जारी रखेगी और उनके सुझावों के आधार पर सुधार नीति तैयार करने की कोशिश करेगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी कहा है कि सरकार छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से ले रही है और व्यावहारिक समाधान की दिशा में आगे बढ़ रही है।
प्रयागराज पहुंचे राहुल गांधी, छात्रों से करेंगे संवाद
इधर, कांग्रेस नेता राहुल गांधी शनिवार को प्रयागराज में अपने ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे हैं। इस कार्यक्रम का फोकस पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में देरी, लंबित नियुक्तियों, बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर है। कार्यक्रम को लेकर पिछले दिनों असमंजस की स्थिति बनी थी, क्योंकि केपी ट्रस्ट ने पहले आयोजन की अनुमति वापस ले ली थी। हालांकि बाद में अनुमति बहाल कर दी गई और कार्यक्रम को केपी ग्राउंड में आयोजित करने की मंजूरी मिल गई। राहुल गांधी का यह कार्यक्रम ऐसे समय हो रहा है जब झारखंड समेत कई राज्यों में छात्र और प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थी पेपर लीक, परीक्षा में गड़बड़ियों और भर्ती प्रक्रिया में देरी को लेकर सवाल उठा रहे हैं। प्रयागराज के कार्यक्रम में भी इन मुद्दों पर छात्रों से सीधे संवाद की तैयारी है।
झारखंड के मुद्दे का राजनीति पर भी असर
JPSC-JSSC विवाद अब सिर्फ परीक्षा से जुड़ा मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि इसका राजनीतिक असर भी दिखाई देने लगा है। झारखंड में कांग्रेस सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा है और ऐसे में छात्र आंदोलन को लेकर सरकार की कार्रवाई विपक्ष के साथ-साथ कांग्रेस के लिए भी चुनौती बन रही है। कांग्रेस के भीतर भी प्रदर्शनकारी छात्रों की शिकायतों को गंभीरता से संबोधित करने की जरूरत को लेकर चिंता जताई गई है। इस बीच प्रयागराज में राहुल गांधी के छात्र कार्यक्रम से पहले झारखंड आंदोलन को लेकर उनके रुख पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।
