Sukhbir Singh Badal Attack: महाराष्ट्र के नांदेड़ में शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर हमला हुआ. यह घटना तख्त श्री हजूर साहिब के पास माता साहिब गुरुद्वारा इलाके में हुई. रिपोर्टों के मुताबिक एक हमलावर ने धारदार हथियार से उन पर हमला करने की कोशिश की. इस घटना के बाद एक बार फिर सुखबीर सिंह बादल चर्चा में हैं.वह पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के बेटे हैं और लंबे समय से पंजाब की राजनीति में सक्रिय रहे हैं. राजनीति में आने से पहले उन्होंने अच्छी-खासी पढ़ाई की और अमेरिका से मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (MBA)की डिग्री भी हासिल की.
कौन हैं सुखबीर सिंह बादल?
सुखबीर सिंह बादल का जन्म 9 जुलाई 1962 को पंजाब के फरीदकोट जिले के बादल गांव में हुआ था.उनके पिता प्रकाश सिंह बादल पंजाब की राजनीति के बड़े नाम रहे और कई बार राज्य के मुख्यमंत्री बने.उनकी मां का नाम सुरिंदर कौर था.सुखबीर सिंह बादल की शादी 21 नवंबर 1991 को हरसिमरत कौर बादल से हुई. हरसिमरत कौर भी राजनीति में सक्रिय हैं और सांसद रह चुकी हैं. दोनों के तीन बच्चे हैं जिनमें एक बेटा और दो बेटियां हैं.सुखबीर सिंह बादल वर्तमान में शिरोमणि अकाली दल (Shiromani Akali Dal)के प्रमुख नेताओं में शामिल हैं और लंबे समय से पार्टी का नेतृत्व करते रहे हैं.
सुखबीर बादल की पढ़ाई कहां से हुई?
सुखबीर सिंह बादल की शुरुआती पढ़ाई हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध द लॉरेंस स्कूल सनावर से हुई.उपलब्ध प्रोफाइल के मुताबिक उन्होंने 1980 में यहां से मैट्रिक की पढ़ाई पूरी की थी. इसके बाद उन्होंने उच्च शिक्षा के लिए पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ का रुख किया.यहां उन्होंने बैचलर ऑफ आर्ट्स ऑनर्स इन इकोनॉमिक्स यानी बीए ऑनर्स इकोनॉमिक्स और इसके बाद मास्टर ऑफ आर्ट्स इन इकोनॉमिक्स यानी एमए इकोनॉमिक्स की पढ़ाई की. इसके बाद सुखबीर बादल आगे की पढ़ाई के लिए अमेरिका चले गए.
अमेरिका से की MBA की पढ़ाई
सुखबीर सिंह बादल ने अमेरिका की कैलिफोर्निया स्टेट यूनिवर्सिटी,लॉस एंजिल्स से मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन यानी MBA किया. उनकी MBA की पढ़ाई 1987 में पूरी की.इस तरह उन्होंने इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन और पोस्टग्रेजुएशन के बाद अमेरिका से MBA किया.
MBA के बाद राजनीति में कैसे आए?
अमेरिका से MBA की पढ़ाई पूरी करने के बाद सुखबीर सिंह बादल भारत लौटे. इसके बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा. उनका राजनीतिक सफर सीधे पंजाब सरकार से शुरू नहीं हुआ, बल्कि उन्होंने पहले संसद के रास्ते राष्ट्रीय राजनीति में जगह बनाई.1996 में सुखबीर बादल पहली बार लोकसभा के लिए चुने गए.उन्होंने फरीदकोट लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व किया. इसके बाद वह कई बार लोकसभा पहुंचे.साल 1998 में उन्हें तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में केंद्रीय उद्योग राज्य मंत्री की जिम्मेदारी मिली. इसके बाद 2001 से 2004 के बीच वह राज्यसभा के सदस्य भी रहे.
2008 में बने अकाली दल के अध्यक्ष
सुखबीर सिंह बादल के राजनीतिक करियर में 2008 का साल काफी अहम रहा. इसी साल उन्हें शिरोमणि अकाली दल का अध्यक्ष बनाया गया.इस तरह उन्होंने अपने पिता प्रकाश सिंह बादल के बाद पार्टी की कमान संभालने की दिशा में बड़ा कदम उठाया.इसके अगले साल यानी 2009 में वह पंजाब के उपमुख्यमंत्री बने.उस समय पंजाब की सरकार उनके पिता प्रकाश सिंह बादल के नेतृत्व में थी. सुखबीर ने राज्य सरकार में रहते हुए प्रशासन और विकास से जुड़े कई कामों में भूमिका निभाई.
पंजाब के डिप्टी CM के तौर पर क्या किया?
सुखबीर सिंह बादल 2009 से 2017 के बीच पंजाब के उपमुख्यमंत्री रहे. इस दौरान वह राज्य सरकार में एक प्रमुख चेहरा थे.उनके कार्यकाल में निवेश को बढ़ावा देने के लिए प्रोग्रेसिव पंजाब इंवेस्टर्स समिट जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए. पंजाब में निवेश और उद्योग को आकर्षित करने के लिए सरकार की ओर से कई प्रयास किए गए.उनके कार्यकाल में मोहाली एयरपोर्ट को इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने और अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया.
हमले के समय क्या हुआ?
गुरुवार को सुखबीर सिंह बादल नांदेड़ के तख्त श्री हजूर साहिब पहुंचे थे. इसी दौरान गुरुद्वारे के पास एक व्यक्ति ने उन पर धारदार हथियार से हमला करने की कोशिश की.सुरक्षा कर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप किया.रिपोर्टों के अनुसार इस दौरान सुखबीर बादल के हाथ में चोट आई, जबकि सुरक्षा में तैनात एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ.बादल को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया और उनकी स्थिति स्थिर बताई गई है. आरोपी को पुलिस ने हिरासत में लिया है.
2024 में भी हुआ था हमला
सुखबीर सिंह बादल पर इससे पहले दिसंबर 2024 में अमृतसर के स्वर्ण मंदिर के बाहर भी गोली चलाकर हमला करने की कोशिश हुई थी. उस घटना में वह बाल-बाल बच गए थे. नांदेड़ की घटना के बाद उनकी सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं.

