Chhattisgarh Police Medal List 2026: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर छत्तीसगढ़ पुलिस के अधिकारी और कर्मचारियों को उनकी बहादुरी, कर्तव्यनिष्ठा और बेहतर सेवा के लिए राष्ट्रपति पदकों से सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई है। गृह मंत्रालय के अनुसार राज्य पुलिस के कुल 153 अधिकारियों और कर्मचारियों को अलग-अलग श्रेणियों में पदक दिए जाएंगे। इनमें सबसे बड़ी संख्या वीरता पदक पाने वालों की है। गृह मंत्रालय स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पुलिस, फायर, होमगार्ड एवं सिविल डिफेंस और सुधार सेवाओं के कर्मियों के लिए ऐसे पदकों की घोषणा करता है।
141 पुलिसकर्मियों को वीरता पदक
छत्तीसगढ़ पुलिस के 141 अधिकारी-कर्मचारियों को वीरता पदक देने की घोषणा हुई है। इन जवानों में नारायणपुर, दंतेवाड़ा, सुकमा और कांकेर जैसे नक्सल प्रभावित इलाकों में तैनात पुलिसकर्मी, एसटीएफ, बस्तर फाइटर्स और डीएसएफ के जवान शामिल हैं। वीरता पदक पाने वालों में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में मैदानी स्तर पर काम करने वाले जवान भी शामिल हैं। इनमें रोबिनसन गुड़िया, विनय कुमार, सोहन लाल, महंथ कुमार और स्मृतिक राजनाला जैसे अधिकारी शामिल हैं। इनके अलावा बड़ी संख्या में उप निरीक्षक, सहायक उप निरीक्षक, प्रधान आरक्षक और आरक्षक भी इस सूची में हैं।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सेवा का सम्मान
पदक पाने वालों की सूची से साफ है कि छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बलों की भूमिका को विशेष रूप से सम्मान मिला है। नारायणपुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और कांकेर में तैनात पुलिसकर्मियों के नाम बड़ी संख्या में शामिल हैं। इन इलाकों में पुलिस और सुरक्षा बलों को कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के साथ-साथ नक्सली हिंसा की चुनौती का सामना करना पड़ता है। ऐसे क्षेत्रों में अभियान, गश्त और सुरक्षा ड्यूटी के दौरान दिखाई गई बहादुरी के लिए जवानों को वीरता पदक दिया जाता है। वीरता पदक पुलिसकर्मियों के साहस और कर्तव्य के प्रति समर्पण को मान्यता देने वाला महत्वपूर्ण सम्मान है।
सुकमा और कांकेर के कई जवान भी शामिल
वीरता पदक पाने वालों में सुकमा के बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी शामिल हैं। सूची में सोड़ी रामा, सोड़ी अजय, बोड्डू लक्ष्मैया, कट्टम मुत्ता, सेमल रमेश, माड़वी कोसा और कई अन्य जवानों के नाम हैं। इसी तरह कांकेर जिले से भी बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को वीरता पदक के लिए चुना गया है। इनमें अधिकारियों के साथ बस्तर फाइटर्स और डीएसएफ के जवान भी शामिल हैं। इससे पता चलता है कि अलग-अलग स्तर पर काम करने वाले पुलिसकर्मियों के योगदान को इस सम्मान में जगह मिली है।
एक अधिकारी को विशिष्ट सेवा पदक
छत्तीसगढ़ पुलिस के एक अधिकारी को विशिष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पदक दिया जाएगा। यह सम्मान पुलिस उप महानिरीक्षक (विशेष शाखा) मोती लाल कोटवानी को दिया गया है। विशिष्ट सेवा पदक लंबे समय तक उत्कृष्ट, जिम्मेदारीपूर्ण और उल्लेखनीय सेवा के लिए दिया जाता है। पुलिस सेवा में इस सम्मान को महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जाता है।
10 अधिकारियों को सराहनीय सेवा पदक
इसके अलावा 10 अधिकारियों और कर्मचारियों को सराहनीय सेवाओं के लिए पदक देने की घोषणा हुई है। इनमें मुख्यमंत्री सुरक्षा में तैनात पुलिस अधीक्षक ओम प्रकाश शर्मा, एएनटीएफ की सहायक पुलिस महानिरीक्षक गायत्री सिंह और रायपुर कमिश्नरेट की पुलिस उपायुक्त डॉ. अर्चना झा शामिल हैं। इस सूची में दीपमाला कश्यप, रमा पटेल, ब्रजेश कुमार तिवारी, सविता सिंह परिहार, पिनाकी भट्टाचार्जी, राकेश कुमार सिंह और नेहरू लाल के नाम भी शामिल हैं। यह पदक पुलिस सेवा में बेहतर और लगातार किए गए कार्यों के लिए दिया जाता है।
पुलिस महानिदेशक ने दी बधाई
पदक के लिए चुने गए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग की ओर से बधाई दी गई है। पुलिस महानिदेशक ने सभी पदक विजेताओं और उनके परिवारों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। इन पुरस्कारों को केवल व्यक्तिगत सम्मान के तौर पर नहीं देखा जा रहा है, बल्कि यह उन पुलिसकर्मियों के योगदान की पहचान भी है जो कठिन परिस्थितियों में अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं। खास तौर पर नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग में काम करने वाले जवानों के लिए यह सम्मान उनके साहस और सेवा भावना को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान देता है।

