नई दिल्ली. भारत और श्रीलंका के बीच गॉले में खेला जा रहा टेस्ट मैच दोनों टीम के लिए अहम है. भारतीय टीम अपने क्रिकेट इतिहास के 600वें मुकाबले में खेलने उतरी है. आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल का रास्ता इस सीरीज से होकर गुजरेगा. ऐसे में बारिश से बाधित मुकाबले में टीम इंडिया के मुख्य कोच गौतम गंभीर और कप्तान शुभमन गिल के फैसले पर सवाल उठ रहे हैं. दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक भारत ने 9 विकेट पर 460 रन बनाए थे. तीसरे दिन इसी स्कोर पर भारत ने अपनी पारी को आगे बढ़ाया. पूर्व भारतीय गेंदबाज डोड्डा गणेश ने सवाल उठाया है कि आखिर दो नीचले क्रम के खिलाड़ी को तीसरे दिन बल्लेबाजी करने क्यों भेजा गया.
गॉल टेस्ट में टीम इंडिया की रणनीति पर पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज डोड्डा गणेश ने सवाल उठाए हैं. उन्होंने मुख्य कोच गौतम गंभीर और कप्तान शुभमन गिल को तीसरे दिन की रणनीति को लेकर निशाना बनाया. उनका कहना था कि बारिश की वजह से पहले ही दो दिन में खेल काफी बर्बाद हो चुका है. ऐसे में भारत का तीसरे दिन सुबह दो टेलएंडर्स के साथ बल्लेबाजी जारी रखने का फैसला समझ से परे था. हालांकि कुलदीप यादव और प्रसिद्ध कृष्णा की जोड़ी तीसरे दिन सिर्फ चार गेंद ही और खेल पाए. 460 रन से आगे खेलते हुए भारत 462 रन पर ऑलआउट हो गया.
Why would you bat on third day morning with two tail enders? #SLvIND
— Dodda Ganesh | ದೊಡ್ಡ ಗಣೇಶ್ (@doddaganesha) August 17, 2026
डोड्डा गणेश ने सोशल मीडिया पर इसे लेकर सवाल किया. उन्होंने लिखा, “दो टेलएंडर्स के साथ तीसरे दिन सुबह बल्लेबाजी क्यों करेंगे?”
गॉल टेस्ट में दो दिन के खेल में बारिश वजह से पहले ही 64 ओवर का खेल बर्बाद हो चुका है. तीसरे दिन के खेल में भी बारिश होने का पूर्वानुमान जताया गया है. ऐसे में सवाल यही थी कि आखिर नीचले क्रम के दो बैटर को बल्लेबाजी के लिए भेजकर गौतम गंभीर और शुभमन गिल ने समय क्यों बर्बाद किया.
Don’t understand why we haven’t declared even after Jurel’s dismissal #SLvIND
— Dodda Ganesh | ದೊಡ್ಡ ಗಣೇಶ್ (@doddaganesha) August 16, 2026
गणेश ने दूसरे दिन भी टीम की रणनीति को लेकर सवाल उठाया है. उनका मानना है कि ध्रुव जुरेल के आउट होने के बाद कप्तान शुभमन गिल को कोच गंभीर के साथ बात करते भारत की पारी घोषित कर देना चाहिए था. उन्होंने लिखा था, “समझ नहीं आ रहा कि जुरेल के आउट होने के बाद भी हमने पारी घोषित क्यों नहीं की.”

