अंबाला. आज के समय में बाल झड़ने की समस्या केवल उम्रदराज लोगों तक सीमित नहीं रही है, बल्कि कम उम्र के युवा और महिलाएं भी तेजी से हेयर फॉल की समस्या से परेशान होकर अलग-अलग तरह के शैंपू, सीरम, तेल और महंगे हेयर केयर प्रोडक्ट इस्तेमाल कर रहे हैं. इसके बावजूद कई लोगों को राहत नहीं मिल रही है. अंबाला शहर के नागरिक अस्पताल की होम्योपैथिक ओपीडी में भी बाल झड़ने की शिकायत लेकर पहुंचने वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है. अस्पताल में कार्यरत होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. रजिता लोकल 18 से बताती हैं कि हेयर फॉल के कई कारण हो सकते हैं. मरीज के इलाज से पहले उसकी दिनचर्या और खान-पान के बारे में जानकारी लेना जरूरी होता है. मरीज से यह भी पूछा जाता है कि वह दिनभर में कितना पानी पीता है, खाने में किन चीजों का सेवन करता है और उसकी नींद कितनी पूरी हो रही है.
पानी निकाल रहा ‘तेल’
डॉ. रजिता बताती हैं कि शरीर को पर्याप्त पोषण नहीं मिलने और दिनचर्या बिगड़ने का असर बालों पर भी पड़ सकता है. कम पानी पीना और शरीर को पर्याप्त रूप से हाइड्रेटेड न रखना भी समस्या को बढ़ा सकता है. कुछ लोगों में थायरॉयड जैसी स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के साथ भी बाल झड़ने की समस्या देखने को मिलती है. डैंड्रफ और स्कैल्प से जुड़ी समस्याएं भी हेयर फॉल का कारण बन सकती हैं. डॉ. रजिता के मुताबिक, मरीज के लक्षणों के आधार पर ही उपचार और सलाह दी जाती है. रोजमर्रा के भोजन में पौष्टिक चीजों को शामिल करना और पर्याप्त पानी पीना जरूरी है.
इनका डॉक्टर से मिलना जरूरी
डॉ. रजिता कहती हैं कि बालों और स्कैल्प की अच्छे से सफाई पर ध्यान देना बहुत जरूरी है. लंबे बाल रखने वाले लोगों को नियमित रूप से बालों की सफाई करने की सलाह दी जाती है. बालों में जरूरत से ज्यादा केमिकल वाले प्रोडक्ट इस्तेमाल करने से बचना चाहिए. आजकल कई लोग बार-बार शैंपू, हेयर डाई और दूसरे हेयर केयर प्रोडक्ट इस्तेमाल करते हैं. किसी भी प्रोडक्ट का इस्तेमाल सोच-समझकर करना चाहिए. डॉ. रजिता के मुताबिक, अंबाला शहर नागरिक अस्पताल की होम्योपैथिक ओपीडी में रोजाना बड़ी संख्या में लोग बाल झड़ने की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं. मरीज महज 5 रुपये की पर्ची बनवाकर होम्योपैथिक ओपीडी में चिकित्सकीय सलाह ले सकते हैं. अगर किसी व्यक्ति के बाल अचानक बहुत ज्यादा झड़ रहे हैं, बालों में पैच बन रहे हैं या लंबे समय से समस्या बनी हुई है, तो केवल कॉस्मेटिक प्रोडक्ट बदलने के बजाय डॉक्टर से जांच करवाना ज्यादा जरूरी है.