नई दिल्ली. अयोध्या स्थित राम मंदिर के प्रशासन को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे थे. अब इसे अधिक पेशेवर और पारदर्शी बनाने की तरफ कदम बढ़ाया गया है. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बड़ा फैसला लेते हुए एक फुलटाइम मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया. ट्रस्ट ने बुधवार, 2 सितंबर को रिटायर्ड एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा को राम मंदिर का पहला फुलटाइम CEO नियुक्त किया. उनको इस पद पर चुने जाने के लिए तीन उम्मीदवारों के पैनल में से किया गया. इसे उनका चयन 5,585 आवेदनों में से चुना गया था.
जीतेंद्र मिश्रा उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से आते हैं और भारतीय वायुसेना में करीब 40 साल तक अपनी सेवा दी. इसी साल 30 अप्रैल को एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, वेस्टर्न एयर कमांड के पद से सेवानिवृत्त हुए. जीतेंद्र डिप्टी चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (ऑपरेशंस) की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं.
जीतेंद्र मिश्रा की नियुक्ति के साथ ट्रस्ट ने तीन नए ट्रस्टी को भी नियुक्त करने का फैसला लिया है. दिल्ली के महेश भगचंदका, अयोध्या के पूर्व अतिरिक्त महाधिवक्ता मदन मोहन पांडे और निर्मला यादव को इसमें शामिल किया गया है.
मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के पद के सलेक्शन के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई गई थी. आपको बता दें कि समिति में रिटायर्ड जस्टिस प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) विष्णुकांत चतुर्वेदी और परमाणु वैज्ञानिक डॉ. सुरेश हावरे जैसे प्रतिष्ठित हस्ति शामिल थी. जो जानकारी ट्रस्ट की तरफ से दी गई है उसके अनुसाल 11 से 18 जुलाई के बीच कुल 5585 आवेदन भेजे गए थे.
इस समय राम मंदिर के चढ़ावे और दान में कथित गड़बड़ी को लेकर पूरे देश में जमकर विवाद हो रहा है. ऐसे में राम मंदिर ट्रस्ट में फुलटाइम CEO की नियुक्ति करने का फैसला लिया गया है. कथित तौर पर मंदिर की उन चोरियों के मामले में आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है.राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव रहे चंपत राय ने जून में ही अपने पद से इस्तीफा दिया था.गौर तलब है कि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने पहले ही मंदिर की विशाल संस्था के लिए पूर्णकालिक CEO को नियुक्त करने की बात कह थी. इससे ट्रस्ट और बाकी चीजों में पारदर्शिता आएगी.

