नई दिल्ली. क्रिकेट मैच में जो खिलाड़ी सबसे ज्यादा रन बनाता है या विरोधी टीम के विकेट चटकाता है उसे प्लेयर ऑफ द मैच चुना जाता है. जैसा कि हम सभी जानते हैं क्रिकेट को फनी गेम कहा जाता है. ऐसे में इस खेल में कुछ भी हो सकता है. बिना विकेट लिए और बिना कैच पकड़े भी कोई खिलाड़ी यह पुरस्कार भी जीत सकता है. ऐसा ही एक अनोखा मामला दर्ज था 2001 में. वेस्टइंडीज के गेंदबाज कैमरून कफी बिना रन बनाए और विकेट झटके मैच का सबसे बड़ा अवार्ड ले उड़े.
इंटरनेशनल क्रिकेट इतिहास का ये अनोखा किस्सा हुआ था साल 2001 में वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे के मैच के दौरान. 23 जून 2001 को हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए कोका-कोला कप का यह मुकाबला ऐतिहासिक है. जिम्बाब्वे की टीम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया. बल्लेबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज ने निर्धारित 50 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 266 रन बनाए. टीम के विस्फोटक ओपनर क्रिस गेल ने 53 रन बनाए जबकि डैरेन गंगा ने 66 रन की अहम पारी खेली थी.
जिम्बाब्वे की टीम जब इस लक्ष्य का पीछा करने उतरी तो 9 विकेट गंवाकर 50 ओवर में 239 रन तक ही पहुंच पाई. वेस्टइंडीज ने 27 रन से इस मुकाबले को अपने नाम किया. वेस्टइंडीज के लिएस मार्लन सैमुअल्स और मर्विन डिल्लन ने तीन-तीन विकेट अपने नाम किए. कमाल की बात यह की ना तो मैच में फिफ्टी जमाने वाले वेस्टइंडीज के खिलाड़ी को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया. ना ही 3-3 विकेट चटकाने वाले बॉलर को ये अवार्ड दिया गया.
इस मैच में कफी को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया था. कोई भी क्रिकेट फैन अगर स्कोर कार्ड देखेगा तो उसे यह देखकर हैरानी होगी. वहीं जिसने मैच देखा है वो जानता है कि इस खिलाड़ी का प्रदर्शन कितना शानदार था उन्होंने 10 ओवर में 2 मेडन के साथ सिर्फ 20 रन दिए. भले ही उनके खाते में एक भी विकेट नहीं था लेकिन प्रदर्शन मैच जीताने वाला रहा. उनके 10 ओवर ने जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों बांधकर रख दिया. उनका इकॉनमी रेट महज 2.00 रहा. इसी गेंदबाजी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच का पास पलट दिया.

