
Supreme Court on CJP Schools Campaign: सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा चलाए जा रहे ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने उत्तर प्रदेश और राजस्थान के सरकारी स्कूलों में बाहरी लोगों के प्रवेश, फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, इंटरव्यू, ऑडियो रिकॉर्डिंग और लाइव स्ट्रीमिंग पर लगाए गए प्रतिबंधों को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने कहा कि वह इस रिट याचिका पर विचार करने की इच्छुक नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर क्या कहा?
याचिकाकर्ता प्रियंका मिश्रा की ओर से दायर याचिका में राजस्थान और उत्तर प्रदेश के शिक्षा अधिकारियों के उन आदेशों को चुनौती दी गई थी, जिनके तहत सरकारी स्कूलों में बाहरी लोगों के प्रवेश और वहां किसी भी तरह की रिकॉर्डिंग के लिए पूर्व अनुमति जरूरी कर दी गई थी। मामले की सुनवाई कर रही पीठ ने संक्षेप में याचिका को सुनने से इनकार कर दिया। अदालत ने इस स्तर पर संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत सीधे हस्तक्षेप करने से इनकार किया। इसका व्यावहारिक असर यह है कि याचिका के जरिए जिन प्रतिबंधों को हटाने की मांग की गई थी, उन पर इस कार्यवाही में सुप्रीम कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है।
राजस्थान में फिलहाल क्या हैं नियम?
राजस्थान के माध्यमिक शिक्षा निदेशक की ओर से 16 अगस्त 2026 को जारी सर्कुलर में सरकारी स्कूलों में बाहरी लोगों के प्रवेश को लेकर सख्त नियम बनाए गए थे। इसके तहत किसी बाहरी व्यक्ति को स्कूल परिसर में जाने से पहले प्रधानाचार्य या संस्था प्रमुख की अनुमति लेनी होगी। इसके अलावा फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, इंटरव्यू, ऑडियो रिकॉर्डिंग और लाइव स्ट्रीमिंग के लिए भी पूर्व लिखित अनुमति की व्यवस्था की गई है। स्कूल में आने वाले आगंतुकों को विजिटर रजिस्टर में अपनी एंट्री दर्ज करनी होगी। नियमों में कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों, छात्रावासों, खेल मैदानों और विद्यार्थियों से जुड़े क्षेत्रों में अनधिकृत प्रवेश पर भी रोक लगाई गई है। खास तौर पर छात्रों और शिक्षकों की तस्वीर, वीडियो या व्यक्तिगत जानकारी को उनकी निजता, गरिमा और सुरक्षा प्रभावित करने वाले तरीके से रिकॉर्ड या प्रकाशित करने पर रोक का प्रावधान है।
उत्तर प्रदेश में भी कई जिलों में लगी रोक
उत्तर प्रदेश में भी सरकारी स्कूलों में बाहरी लोगों और सोशल मीडिया से जुड़े लोगों की अनधिकृत एंट्री तथा रिकॉर्डिंग को लेकर निर्देश जारी किए गए। याचिका में खास तौर पर 19 अगस्त 2026 के अयोध्या जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के आदेश को चुनौती दी गई थी। इस आदेश में बाहरी लोगों, यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया से जुड़े व्यक्तियों को बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के स्कूल परिसर में प्रवेश करने या फोटो-वीडियो बनाने से रोकने की बात कही गई थी। याचिका के मुताबिक इसी तरह के निर्देश आजमगढ़, बलिया, बस्ती, बलरामपुर, शामली और आगरा समेत अन्य जिलों में भी जारी किए गए थे।
‘स्कूल ठीक करो’ अभियान से जुड़ा है विवाद
यह पूरा विवाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) से जुड़े ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के बीच तेज हुआ। अभियान का उद्देश्य सरकारी स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं और शिक्षा व्यवस्था की स्थिति को सामने लाना बताया गया है। अभियान के तहत स्कूलों में जाकर भवन, कक्षाओं, शौचालय, पीने के पानी, बिजली, मिड-डे मील और अन्य सुविधाओं की स्थिति रिकॉर्ड करने की कोशिश की गई। राजस्थान में अभियान की घोषणा के बाद शिक्षा विभाग ने स्कूल परिसरों में बाहरी लोगों की एंट्री और रिकॉर्डिंग को लेकर नए निर्देश जारी किए। इस समय को लेकर राजनीतिक बहस भी शुरू हुई।
