Haryana News: हरियाणा के मोहाली में किसानों का आंदोलन जारी है। भारी बारिश के बावजूद लगातार चौथे दिन भी किसान आंदोलन स्थल पर डटे हैं। बारिश से बचने के लिए वे तिरपाल का इस्तेमाल कर रहे हैं और ट्रैक्टर को ढंककर कमरे का रूप दे दिया है। किसान नेताओं का कहना है कि जबतक सरकार उनकी मांगे नहीं मानती तब तक वे आंदोलन पर डटे रहेंगे।
किसानों की मांगें पूरी करे सरकार
भारतीय किसान यूनियन एकता (आजाद) के नेता जसविंदर सिंह लोंगोवाल ने कहा कि सरकार शायद किसानों का सब्र देखना चाहती है। उन्होंने कहा कि किसान अपनी मांगें करीब एक महीने पहले ही सरकार को लिखित रूप में दे चुके हैं। पिछले दिनों भी मांग पत्र सरकार को सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि किसानों की मांगें न तो बहुत आसान हैं और न ही ऐसी हैं जिन्हें पूरा करना असंभव हो।
आंदोलन से सरकार का नुकसान
लोंगोवाल ने कहा कि सरकार आंदोलन को जितना लंबा खींचेगी, उसे उतना ही राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ेगा। चुनाव नजदीक हैं और अगर सरकार ने किसानों की मांगों पर सही फैसला नहीं लिया, तो लोग सरकार का पासा पलट सकते हैं। उन्होंने वन टाइम सेटलमेंट योजना का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इससे सरकार को करीब 4,000 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हो सकती है। इसके साथ ही आवारा पशुओं और आवारा कुत्तों की समस्या के समाधान के लिए भी ठोस कदम उठाने की मांग की गई है।
किसानों की प्रमुख मांगें:
- पंजाब विधानसभा का सत्र बुलाकर पुराने समझौतों को रद्द करना
- 78, 79 और 80 धाराओं को रद्द करना
- फसलों पर एमएसपी से जुड़े मुद्दे सुलझाना
- पंजाब में एग्रो इंडस्ट्री लगाना
- नहरों की डी-सिल्टिंग करना
- पानी के रिचार्जिंग प्वाइंट बनाना
- पंजाब के बांधों की डी-सिल्टिंग करना
- दरियाओं के किनारों को मजबूत करना
- बाढ़ से हुए नुकसान का उचित मुआवजा देना
- किसानों को उचित बाजार और प्रसंस्करण की सुविधा मुहैया कराना
- पंजाब में एग्रो इंडस्ट्री लगाना
बारिश में भी लंगर सेवा जारी
बारिश के दौरान भी किसानों की लंगर सेवा पूरी तरह जारी रही। तिरपाल के नीचे चाय का लंगर तैयार किया जाता रहा और किसानों को गर्म चाय पिलाई गई। वहीं, कुछ किसान बारिश का आनंद लेते भी नजर आए। धरनास्थल पर किसी अनहोनी की स्थिति से निपटने के लिए एंबुलेंस भी मौजूद रही।


