नई दिल्ली. पूरे देश में इस समय मानसून अपने चरम पर है. लगभग हर राज्य में लगातार बारिश हो रही है और इसकी वजह से जनजीवन पर काफी असर पड़ा है. अगर बात रविवार 6 सितंबर की करें तो मौसम विभाग की तरफ से 24 राज्यों में भारी बारिश के साथ आंधी को लेकर अलर्ट जारी किया गया है. कई हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है. पूर्वानुमान के मुताबिक 6 सितंबर को उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है.
पिछले कुछ दिनों से बारिश का कहर दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम में देखने को मिल रहा है. मौसम विभाग ने 6 सितंबर को इन जगहों पर हल्की से भारी बारिश की संभावना जताई है. IMD के अनुसार हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 6 सितंबर को बादल के जमकर बरसने की चेतावनी दी गई है. दिल्ली के स्थानीय पूर्वानुमान में 6 सितंबर को हल्की बारिश या बूंदाबांदी और अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री रहने का अनुमान है.
दिल्ली में होने वाली बारिश का असर पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के आस पास के इलाकों पर भी देखने को मिलेगा. यहां पश्चिमी हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से चल रहा बारिश का दौर जारी रहने की उम्मीद है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में 6 से 8 सितंबर के दौरान और ज्यादा बारिश होने की संभावना जताई गई है.
मौसम विभाग ने बिहार में रविवार, 6 सितंबर को भारी बारिश के साथ गरज-चमक की चेतावनी जारी की है. राज्य के कई इलाकों में तेज हवाओं के लिए भी लोगों को सावधान रहने कहा गया है. बताया जा रहा है कि यह स्थिति अगले कुछ दिनों तक ऐसी ही बनी रहेगी. झारखंड में भी 6 सितंबर को गरज-चमक और बिजली के साथ बारिश की संभावना है. राज्य में 7 और 8 सितंबर को भी आंधी-तूफान जैसी गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है.
बात करते हैं देश के पहाड़ी इलाकों की तो देवभूमि उत्तराखंड में 5 से 7 सितंबर के दौरान जमकर बारिश होने का पूर्वानुमान लगाया गया है. पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने कहा गया है . बाहर निकलते समय थोड़ा और सतर्क रहने की सलाह दी गई है. ऐसे इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी गई है जहां भूस्खलन का खतरा रहता है.
पंजाब में भी 6 सितंबर को भारी बारिश का अलर्ट है। IMD के अनुसार इसके बाद 7 सितंबर से इस क्षेत्र में फिलहाल कोई चेतावनी नहीं है।
मौसम विभाग ने बारिश और आंधी के दौरान लोगों को सावधानी बरतने तथा निचले और बाढ़ संभावित इलाकों में सतर्क रहने की सलाह दी है।

