नई दिल्ली. चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर पिछले सात दिनों से चला आ रहा किसानों का मोर्चा अब खत्म हो गया है. पंजाब के किसानों की सोमवार को वापसी शुरू हो गई. मोहाली के लोगों को किसानों के हटने से बड़ी राहत मिली है. पिछले एक हफ्ते से चले आ गए किसानों के आंदोलन के कारण सड़क बंद थी. इसकी वजह से रोजाना आने-जाने वाले लोगों को इस रूट पर काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था.
आपको बता दें कि 1 सितंबर को किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर चंडीगढ़ बॉर्डर पर पक्का मोर्चा शुरू किया था. पंजाब की 32 किसान जत्थेबंदियां इस आंदोलन में शामिल हुई थीं. पिछले दो तीन दिन से यहां बड़ी संख्या में किसान पहुंचना शुरु कर चुके थे. भारी संख्या में चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर सारे डटे हुए थे. आंदोलन में महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे और लगातार मोर्चे पर मौजूद रहे.
इस मामले में एक हफ्ते के बाद आखिरकार किसानों और पंजाब सरकार के बीच मामले पर सहमति बन गई. लंबी चली बातचीत के बाद किसानों ने इस आंदोलन को खत्म करने का फैसला लिया. सरकार की तरफ से दिए गए लिखित आश्वासन के बाद किसान नेताओं ने मोर्चा खत्म करने का ऐलान किया. अब मोर्चा में शामिल सभी जत्थे के किसान वापस घर लौट रहे हैं. पंजाब सरकार की ओर से मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां की तरफ से किसानों से बातचीत के बाद लिखित आश्वासन दिया गया. इसके मुताबिक सरकार एक महीने के भीतर पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाएगी. इस विशेष सत्र में किसानों की कर्ज माफी के लिए वन टाइम सेटलमेंट स्कीम (OTS) का प्रस्ताव लाने की बात कही गई है.
किसानों के हटने के साथ चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर अब यातायात पहले की तरह ही सामान्य हो जाएगी. पिछले एक सप्ताह से सड़क बंद किए जाने की वजह से स्थानीय निवासियों को काफी परेशानी हो रही थी. इससे सबसे ज्यादा प्रभावित कर्मचारियों और रोजाना सफर करने वाले लोगों हो रहे थे. उनको वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करना पड़ रहा था.

