Delhi Crime News: दिल्ली में एक्सटॉर्शन का एक बड़ा मामला सामने आया है। सिविल लाइंस इलाके में रहने वाली करीब 50 वर्षीय महिला को विदेशी नंबर से व्हाट्सएप कॉल की गई और 200 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई। कॉल करने वाले ने खुद को विदेश में मौजूद गैंगस्टर गोल्डी बराड़ बताया। कॉल करने वाले शख्स ने रंगदारी न देने पर महिला और उसके पति को जान से मारने की धमकी भी दी। पुलिस के मुताबिक यह दिल्ली में अब तक सामने आई एक्सटॉर्शन की सबसे बड़ी रकम की मांग बताई जा रही है। महिला सिविल लाइंस इलाके में रहती है और उसके पास वहां पुश्तैनी संपत्ति भी है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि धमकी देने वाला वास्तव में गोल्डी बराड़ के नेटवर्क से जुड़ा है या फिर किसी ने उसके नाम का इस्तेमाल कर महिला को डराने की कोशिश की।
7 सितंबर की रात आया कॉल
जानकारी के मुताबिक महिला को 7 सितंबर की रात करीब 10:44 बजे विदेशी नंबर से WhatsApp कॉल आया। कॉल करने वाले ने अपना नाम गोल्डी बराड़ बताया और दावा किया कि उसके पास महिला के बारे में पूरी जानकारी है। इसके बाद उससे 200 करोड़ रुपये देने की मांग की गई। रकम नहीं देने पर महिला और उसके पति को जान से मारने की धमकी दी गई। शुरुआत में महिला ने धमकी को गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन बाद में दोबारा धमकी भरा कॉल आने के बाद उसने पुलिस से संपर्क किया। तब जाकर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
सिविल लाइंस थाने में FIR दर्ज
महिला की शिकायत और शुरुआती जांच के बाद 10 सितंबर को सिविल लाइंस थाने में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस के साथ-साथ दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल भी जांच में शामिल हो गई है। जांच एजेंसियां कॉल करने वाले की पहचान, इस्तेमाल किए गए विदेशी नंबर और धमकी के पीछे के मकसद का पता लगाने की कोशिश कर रही हैं।
क्या वाकई गोल्डी बराड़ ने की कॉल?
जांच का सबसे अहम पहलू यही है कि क्या कॉल वास्तव में गोल्डी बराड़ या उसके नेटवर्क की ओर से की गई थी? पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है। जांच एजेंसियां इस संभावना को भी देख रही हैं कि किसी व्यक्ति या गिरोह ने डर पैदा करने के लिए गोल्डी बराड़ के नाम का इस्तेमाल किया हो। इसके अलावा पुलिस यह भी पता लगा रही है कि महिला की संपत्ति या किसी निजी विवाद का इस धमकी से कोई संबंध तो नहीं है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कॉल करने वाला व्यक्ति भारत में मौजूद किसी नेटवर्क के संपर्क में था या विदेश से ही इस पूरी गतिविधि को संचालित कर रहा था।

