CBI Action in Mahadev Betting Case: महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए किंगपिन अभिषेक कुमार को गिरफ्तार किया है। CBI के मुताबिक अभिषेक को गुरुवार को दुबई से भारत लौटने के बाद हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गिरफ्तार किया गया। एजेंसी की जांच में उस पर ‘महादेव बुक’ के तहत ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए के संचालन, सट्टेबाजी पैनलों के बीच समन्वय और रकम एकत्र करने में सक्रिय भूमिका निभाने का आरोप है। आरोपी ने सट्टेबाजी से हासिल रकम से दुबई में अचल संपत्तियां भी खरीदीं। गिरफ्तारी के बाद की गई तलाशी में एजेंसी ने कुछ आपत्तिजनक सामग्री जब्त करने का दावा किया है।
हैदराबाद से रायपुर तक पहुंची कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद अभिषेक कुमार को हैदराबाद की स्थानीय अदालत में पेश किया गया। अदालत ने CBI को तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड दी। इसके बाद उसे रायपुर ले जाया गया, जहां अदालत ने CBI को दो दिन की पुलिस हिरासत मंजूर की। CBI की कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब महादेव ऑनलाइन बुक से जुड़े मामलों की जांच कई स्तरों पर चल रही है। एजेंसी का कहना है कि आगे की जांच में नेटवर्क से जुड़े अन्य फरार आरोपियों का पता लगाने और उत्पन्न रकम के स्रोत व प्रवाह की जांच जारी है।
13 FIR के बाद CBI ने संभाली जांच
CBI के मुताबिक छत्तीसगढ़ सरकार ने महादेव सट्टेबाजी ऐप से संबंधित अलग-अलग थानों में दर्ज 13 FIR केंद्रीय एजेंसी को सौंपी थीं। इसके बाद CBI ने इन मामलों की जांच अपने हाथ में ली। अब तक एजेंसी 100 आरोपियों के खिलाफ आठ आरोप-पत्र दाखिल कर चुकी है। इनमें मुख्य प्रमोटर, पैनल ऑपरेटर, हवाला ऑपरेटर और छत्तीसगढ़ सरकार के कुछ कर्मचारी शामिल हैं।
सौरभ और रवि की वापसी की कोशिश
जांच एजेंसियों के मुताबिक महादेव ऑनलाइन बुक नेटवर्क के प्रमुख प्रमोटरों में सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के नाम सामने आए हैं। दोनों भारत से बाहर हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। CBI ने बताया कि अब तक सात रेड कॉर्नर नोटिस और दो प्रत्यर्पण प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं, जबकि दो आरोपियों के खिलाफ प्रत्यर्पण की प्रक्रिया चल रही है। CBI का कहना है कि मुख्य प्रमोटरों को भारत वापस लाकर उनके खिलाफ चल रही न्यायिक प्रक्रिया का सामना कराने के प्रयास जारी हैं।
₹80,000 करोड़ की रकम का दावा क्या है?
महादेव ऑनलाइन बुक मामले में जांच एजेंसियों ने नेटवर्क से जुड़ी अपराध की आय का आंकड़ा करीब ₹80,000 करोड़ बताया है। हाल की ED कार्रवाई में भी एजेंसी ने 2019 से महादेव नेटवर्क से करीब ₹80,000 करोड़ की अपराध की आय का दावा किया है। CBI की ताजा कार्रवाई इस पूरे नेटवर्क में कथित वित्तीय लेनदेन, सट्टेबाजी पैनलों और विदेशों में मौजूद संपत्तियों की जांच को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की अलग से प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी जांच कर रहा है।

