Stock market closing 29 September 2026: स्टॉक मार्केट पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और मध्यपूर्व में तनाव का असर बरकरार है। कारोबारी सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को स्टॉक मार्केट गिरावट के साथ खुला। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 138.04 अंकों की गिरावट के साथ 72,633.68 पर खुला। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 47.8 अंक फिसलकर 22,732.45 पर खुला।
बीएसई पर सुबह 9.46 बजे सेंसेक्स 610.42 अंक फिसलकर 72180.85 पर करोबार करता दिखा, जबकि निफ्टी 166.60 अंक फिसलकर 23721.85 पर कारोबार कर रहा था। सन फार्मा, अडाणी पोर्ट्स और इंडिगो के शेयर हरे निशान पर कारोबार करते दिखे, जबकि बाकी सभी 27 कंपनियों के शेयर लाल निशान पर कारोबार कर रहे थे।
इन कंपनियों के शेयरों में तेजी
बीएसई पर सन फार्मा, अडाणी पोर्ट्स और इंडिगो के शेयर में तेजी देखी गई। सन फार्मा के शेयर में सबसे ज्यादा 0.41% का उछाल देखा गया।
इन कंपनियों के शेयरों में गिरावट
बीएसई पर HCLTECH, इन्फोसिस, टेक महिंद्रा, TCS, HDFC बैंक, हिंदुस्तान लीवर, टाटा स्टील, भारती एयरटेल, ITC, NTPC, मारुति, एलएंडटी, रिलायंस, ICICI बैंक, पावरग्रिड, कोटक बैंक, एक्सिस बैंक, अल्ट्रासेमको, इटरनल, बजाज फाइनेंस, एशियन पेंट, ट्रेंट, SBIN, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फिनसर्व, टाइटन और BEL के शेयर में गिरावट दखी जा रही है। बजाज फाइनेंस के शेयर में सबसे ज्यादा 1.84% की गिरावट देखी जा रही है।
ब्रॉडर मार्केट का रुख
बीएसई पर निफ्टी 100 में 0.70%, निफ्टी मिडकैप 100 में 0.63% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 के शेयर में 0.74% की गिरावट देखी जा रही है।
कच्चे तेल की कीमत
मंगलवार को सुबह 9.44 बजे ब्रेंट क्रूड 1.75% उछलकर प्रति बैरल 107.1 डॉलर पर कारोबार कर रहा था।
गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार
बंबई स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 1,124.02 अंक लुढ़ककर 72,771.72 पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 360.25 अंक लुढ़ककर 22,780.25 पर बंद हुआ। बीएसई पर इन्फोसिस को छोड़कर बाकी सभी कंपनियों के शेयर लाल निशान पर बंद हुए।
इन वजहों से लुढ़का बाजार
सोमवार को अचानक शेयर बाजार में मची इस तबाही के पीछे के कारणों के बारे में, तो इसका सीधा कनेक्शन अमेरिका से जुड़ा हुआ है। अमेरिका और ईरान के बीच गतिरोध बरकरार है। अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट खोलने और युद्ध खत्म करने के ईरान के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है, जिससे कच्चे तेल की कीमत में फिर से तेजी देखी जा रही है।

