नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कैप्टन स्मित मच्छर से वीडियो कॉल पर बात की. फ्लाईदुबई विमान में कथित तौर पर को-पायलट द्वारा उन पर चाकू से हमला किया गया था. विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश को उन्होंने नाकाम किया. इस बड़ी त्रासदी को टालने के लिए उनके साहस की सराहना की. जिस विमान में यह हादसा हुआ उसमें 174 यात्री सवार थे और भारतीय पायलट की समझ बूझ ने उन सबकी जान बचाई.
यह घटना बुधवार सुबह की है जब स्मिथ अपने साथी को पायलट के साथ दुबई से तेल अवीव के लिए फ्लाइट लेकर उड़े. फ्लाईदुबई की उड़ान के दौरान ओमान के नागरिक को-पायलट ने कैप्टन मच्छर पर चाकू से हमला किया. इसमें भारतीय पायलट बुरी तरह से घायल हो गए लेकिन उन्होंने विमान को नुकसान नहीं होने दिया. विमान में शोर सुनकर यात्री और चालक दल के सदस्य कॉकपिट में पहुंचे. वहीं पहुंचकर यात्रियों ने ही को पायलट पर काबू किया और उसे बांधकर रखा. इसी दौरान बोइंग 737 मैक्स विमान महज 30 सेकंड से भी कम समय में करीब 14,000 फीट नीचे आ गया था. जानकारी के मुताबिक विमान में 170 से अधिक यात्री और चालक दल के सदस्य सवार थे. फ्लाईदुबई के दूसरे पायलटों की एक टीम ने बाद में विमान को सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा.
An unforgettable conversation with Captain Smit, filled with pride and emotions. pic.twitter.com/CCf46PKOWR
— Narendra Modi (@narendramodi) October 2, 2026
प्रधानमंत्री मोदी ने कैप्टन मच्छर से वीडियो कॉल पर बात की और उनका हौसला बढ़ाया. उन्होंने कहा,” आपकी साहस, धैर्य और सूझबूझ ने कई लोगों की जान बचाई”.
अस्पताल के बिस्तर से प्रधानमंत्री से बात कर रहे कैप्टन मच्छर से पीएम मोदी ने कहा, “आपकी चोट इतनी ज्यादा गंभीर थी, आप उस समय जीवन और मृत्यु से जूझ रहे थे, फिर भी आपने अपनी जिंदगी की परवाह नहीं की. सभी यात्रियों की जिंदगी की आपको चिंता थी.कैप्टन मच्छर आपने 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान बढ़ाया है”
प्रधानमंत्री मोदी के गृह राज्य गुजरात से ताल्लुक रखने वाले कैप्टन मच्छर ने घटना को याद करते हुए बताया कि वह कॉकपिट में अपनी जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे थे. उस पल को याद करते हुए स्मिथ भावुक हो गए. उन्होंने कहा, “मेरे शरीर पर काफी ज्यादा चोट आई हुई थी और मैं मैं नीचे गिर गया था. मैं 17 साल से विमान उड़ा रहा हूं. इसमें से पिछले 11 साल से कैप्टन के रूप में काम कर रहा हूं. मुझे विमान की स्थिति का पता आंख बंद करके भी समझ आ जाता है. मैं भले ही नीचे गिरा हुआ था लेकिन मुझे इस बात का एहसास था कि विमान तेजी से नीचे जा रहा है.”
कैप्टन ने कहा कि घायल होने के बाद भी किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोला. यात्री और चालक दल के सदस्यों ने आकर उनकी मदद की थी. उन्होंने कहा, “मैं दूसरों को मरने के लिए नहीं छोड़ सकता था.”
कैप्टन मच्छर ने कहा कि जब भी उन्हें डर लगता है, वह हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से कहा, “जब भी मुझे दर्द होता है, मैं सिर्फ हनुमान चालीसा का जाप करता हूं. उस समय भी मैं केवल हनुमान चालीसा का पाठ कर रहा था. मुझे पता है कि भगवान ने मुझे बचाया. भले ही हम देश से दूर रहते हैं, लेकिन हमें अपनी संस्कृति से दूर नहीं होना चाहिए.”

