PSEB Class 10, 12 Exams 2027: पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड यानी PSEB ने फरवरी-मार्च 2027 में होने वाली कक्षा 10वीं और 12वीं की रेगुलर बोर्ड परीक्षाओं के लिए परीक्षा फॉर्म भरने और फीस जमा करने का शेड्यूल जारी कर दिया है. संबंधित स्कूल और संस्थान अपने-अपने लॉगिन आईडी के जरिए परीक्षा फॉर्म और फीस से जुड़ी पूरी जानकारी देख सकते हैं.
इस बार बोर्ड ने सिर्फ शेड्यूल जारी करके स्कूलों को प्रक्रिया पूरी करने के लिए नहीं कहा है, बल्कि समय पर जरूरी औपचारिकताएं पूरी नहीं करने की स्थिति में जिम्मेदारी भी स्कूल प्रमुखों पर तय की है. PSEB ने साफ किया है कि निर्धारित समयसीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर संबंधित स्कूल को देरी या चूक के लिए जिम्मेदार माना जाएगा.
फरवरी-मार्च 2027 में होंगी परीक्षाएं
PSEB का यह शेड्यूल फरवरी-मार्च 2027 में होने वाली कक्षा 10वीं और कक्षा 12वीं की रेगुलर परीक्षाओं में शामिल होने वाले विद्यार्थियों के लिए है.परीक्षा फॉर्म भरने और फीस जमा करने की प्रक्रिया इसी शेड्यूल के अनुसार पूरी करनी होगी.बोर्ड का कार्यालय SAS नगर में है और वहीं से 5 अक्टूबर को इस संबंध में जानकारी जारी की गई. संबंधित स्कूलों और संस्थानों को अपने लॉगिन क्रेडेंशियल के जरिए परीक्षा फॉर्म जमा करने और फीस से जुड़ा निर्धारित शेड्यूल देखना होगा.
तय समय के अंदर पूरी करनी होगी प्रोसेस
बोर्ड ने स्कूलों और संस्थानों को निर्देश दिया है कि वे कक्षा 10वीं और 12वीं की आगामी बोर्ड परीक्षाओं के लिए तय शेड्यूल के अनुसार समय पर जरूरी कार्रवाई करें.परीक्षा फॉर्म जमा करने और फीस लेने से संबंधित जानकारी स्कूलों की संबंधित लॉगिन आईडी पर उपलब्ध कराई गई है.इस प्रक्रिया को पूरा कराने की जिम्मेदारी संबंधित स्कूल प्रशासन की होगी.स्कूल प्रमुखों को यह सुनिश्चित करना होगा कि पात्र विद्यार्थियों के परीक्षा फॉर्म और फीस से जुड़ी सभी जरूरी औपचारिकताएं बोर्ड की ओर से तय समयसीमा के भीतर पूरी हो जाएं.
डेडलाइन चूकी तो स्कूल प्रमुख होंगे जिम्मेदार
PSEB ने स्कूल प्रमुखों को समयसीमा को लेकर स्पष्ट चेतावनी दी है. अगर निर्धारित शेड्यूल के भीतर परीक्षा फॉर्म या फीस से जुड़ी जरूरी प्रक्रिया पूरी नहीं की जाती है तो देरी या चूक के लिए संबंधित स्कूल प्रमुख जिम्मेदार होंगे.बोर्ड के निर्देशों का पालन नहीं करने वाले संबंधित या एफिलिएटेड संस्थानों के खिलाफ लागू प्रक्रिया और एफिलिएशन रेगुलेशन के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है यानी विद्यार्थियों की बोर्ड परीक्षा से जुड़ी औपचारिकताओं में देरी की जिम्मेदारी स्कूल प्रशासन पर होगी और इसके लिए स्कूल को जवाब देना पड़ सकता है.
प्रिंसिपल या हेड टीचर पर भी हो सकती है कार्रवाई
PSEB ने सरकारी स्कूलों के लिए भी कार्रवाई की प्रक्रिया स्पष्ट की है. अगर कोई सरकारी स्कूल निर्धारित शेड्यूल के भीतर बोर्ड के निर्देशों के अनुसार जरूरी कार्रवाई नहीं करता है तो मामले को संबंधित शिक्षा विभाग के निदेशक के पास भेजा जाएगा.यह कार्रवाई डायरेक्टर ऑफ एजुकेशन, एलीमेंट्री या सेकेंडरी के पास भेजी जाएगी. इसके बाद संबंधित प्राधिकारी लागू नियमों के अनुसार स्कूल के प्रिंसिपल या हेड टीचर के खिलाफ उचित कार्रवाई शुरू करेंगे.इसका मतलब साफ है कि सरकारी स्कूलों में भी परीक्षा फॉर्म और फीस की प्रक्रिया को समय पर पूरा करना केवल औपचारिकता नहीं होगी. तय समयसीमा का पालन नहीं होने पर स्कूल के जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ विभागीय स्तर पर कार्रवाई हो सकती है.

