नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर को लेकर चल रही खबर सच हो गई है. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने उनका कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाने का फैसला लिया. उनकी छट्टी कर दी गई है और इसे लेकर मुख्य चयनकर्ता गौतम गंभीर ने पोस्ट किया. 2027 वनडे वर्ल्ड कप में ज्यादा समय नहीं रह गया है ऐसे में वह अपने कॉन्ट्रैक्ट के एक आखिरी एक्सटेंशन की उम्मीद कर रहे थे. बीसीसीआई से रिश्ते बिगड़ने की जवह से ऐसा नहीं हो पाया.
अजीत अगरकर ने जुलाई 2023 में भारतीय टीम के चयन की जिम्मेदारी उठाई थी. उनके कार्यकाल के दौरान भारत ने चार ICC ट्रॉफी के फाइनल खेले. इनमें से तीन में लगातार जीत हासिल की. अब बीसीसीआई ने उनके कार्यकाल को आगे ना बढ़ाने का फैसला लिया है. BCCI और अगरकर के बीच मतभेद की खबर आई थी. बताया जा रहा है कि रोहित शर्मा को टीम में बनाए रखने पर सारा विवाद हुआ. इसी वजह से अजीत अगरकर ने चुपचाप अपना पद छोड़ दिया. 16 सितंबर 2026 को उन्होंने आखिरी बार चयन समिति की अगुआई की. इस दौरान उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू सीरीज के लिए भारतीय टीम का चयन किया. उनका कार्यकाल 4 अक्टूबर को समाप्त हो गया.
Dear Ajit Bhai, an absolute honour to work with you. Those 3 ICC trophies are testimony of your conviction: Team first & Team ahead, always.. I must say, History will be kinder to you. Thank you for everything. My heartfelt wishes for your future endeavours !! https://t.co/gYQN0fea8X
— Gautam Gambhir (@GautamGambhir) October 7, 2026
बीसीसीआई ने नए चयनकर्ता को लेकर आवेदन निकाला है. इसके एक दिन बाद मुख्य कोच गौतम गंभीर ने अगरकर के लिए एक भावुक संदेश लिखा. उन्होंने अगरकर के ‘टीम फर्स्ट’ रवैये की तारीफ की, जो गंभीर की अपनी सोच से भी काफी मेल खाता था. गंभीर ने लिखा, “प्रिय अजीत भाई, आपके साथ काम करना मेरे लिए बेहद सम्मान की बात रही. वे तीन ICC ट्रॉफियां आपके विश्वास की गवाही हैं. टीम पहले और टीम हमेशा आगे. मुझे कहना होगा कि इतिहास आपके साथ ज्यादा न्याय करेगा. हर चीज के लिए धन्यवाद. आपके भविष्य के प्रयासों के लिए मेरी दिल से शुभकामनाएं.”
‘इतिहास आपके साथ ज्यादा न्याय करेगा’ गंभीर की पोस्ट की यही लाइन सबसे ज्यादा ध्यान खींचती है. सिर्फ आंकड़े पूरी कहानी नहीं बताते. तीन ICC ट्रॉफियां, दो एशिया कप और 2023 वनडे विश्व कप के फाइनल तक पहुंचना निश्चित रूप से उनके कार्यकाल की बड़ी उपलब्धियां रहेंगी. उनके काम का सबसे मुश्किल हिस्सा आंकड़ों में नजर नहीं आता. पद संभालने के एक साल के भीतर ही उन्हें भारतीय क्रिकेट के दो सबसे बड़े खिलाड़ियों—विराट कोहली और रोहित शर्मा को T20I क्रिकेट से दूर होते देखना पड़ा. इसके कुछ ही महीनों बाद दोनों ने टेस्ट क्रिकेट से भी संन्यास ले लिया. ऐसे में चयन समिति के सामने उनकी जगह नए खिलाड़ियों को तैयार करने की चुनौती थी.

