Faridabad Cyber Crime: हरियाणा के फरीदाबाद में अडानी गैस का बिल जमा कराने के नाम पर साइबर ठगी का मामला सामने आया है। साइबर थाना सेंट्रल पुलिस ने अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश करते हुए झारखंड से सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर एक बुजुर्ग व्यक्ति से एपीके (APK) फाइल भेजकर 5 लाख 12 हजार 334 रुपये की ठगी करने का आरोप है। पुलिस जांच में आरोपियों के कब्जे से 10 हजार से अधिक लोगों का डेटा बरामद होने की भी जानकारी सामने आई है।
मैसेज भेजकर गैस कनेक्शन काटने की दी धमकी
पुलिस के मुताबिक, सेक्टर-37 निवासी एक बुजुर्ग व्यक्ति ने साइबर थाना सेंट्रल में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उनके मोबाइल पर एक मैसेज आया था, जिसमें अडानी गैस का बिल जमा कराने के लिए कहा गया। मैसेज में यह भी चेतावनी दी गई थी कि अगर बिल का भुगतान नहीं किया गया तो गैस कनेक्शन काट दिया जाएगा। इसके साथ ही संपर्क करने के लिए एक मोबाइल नंबर भी दिया गया था। आरोप है कि साइबर ठगों ने इसी बहाने शिकायतकर्ता को अपने जाल में फंसाया और एपीके (APK) फाइल भेजकर उनके साथ 5 लाख 12 हजार 334 रुपये की साइबर ठगी कर ली।
झारखंड से सात आरोपी गिरफ्तार
मामले की जांच के दौरान साइबर थाना सेंट्रल पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह की पहचान करते हुए झारखंड से सात आरोपियों को गिरफ्तार किया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से संगठित तरीके से साइबर फ्रॉड को अंजाम दे रहे थे। पुलिस को आरोपियों के कब्जे से 10 हजार से अधिक लोगों का डेटा भी बरामद होने की जानकारी मिली है। इससे पुलिस को आशंका है कि गिरोह ने बड़ी संख्या में लोगों को अपना निशाना बनाया हो सकता है।
करोड़ों की साइबर ठगी की आशंका
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां गिरोह के अन्य सदस्यों, ठगी के तरीके, इस्तेमाल किए गए बैंक खातों और लोगों का डेटा कहां से हासिल किया गया, इसकी जानकारी जुटा रही हैं। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने अब तक कितने लोगों को साइबर ठगी का शिकार बनाया और उनसे कितनी रकम ठगी गई।
पुलिस ने लोगों को किया सावधान
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बिजली, गैस, बैंक या किसी अन्य सेवा के बिल के नाम पर आने वाले अनजान मैसेज और लिंक पर भरोसा न करें। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में APK फाइल डाउनलोड या इंस्टॉल न करें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने या अपनी बैंकिंग जानकारी साझा करने से बचें, क्योंकि साइबर ठग इसी तरह लोगों की मेहनत की कमाई पर हाथ साफ कर सकते हैं।

