नई दिल्ली. भारत में 2 अक्टूबर को जो आंदोलन शुरू हुआ था वो 10 तारीख को देश की राजधानी दिल्ली पहुंचने वाला है. दिल्ली के दिल कहे जाने वाले कनॉट प्लेस में शनिवार को बड़े पैमाने पर दुकानें बंद रहेंगी. लाजपत नगर में भी ऐसा ही नजारा देखने को मिलने वाला है. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बड़े प्रदर्शन की तैयारी है. इसे लेकर दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं. व्यवस्था कड़ी किए जाने के बीच कारोबारियों ने एहतियातन अपने प्रतिष्ठान बंद रखने की अपील की है.
नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (NDTA) के अध्यक्ष अतुल भार्गव की ओर से एक खास अपील की गई है. कनॉट प्लेस के दुकानदारों, कार्यालयों और रेस्तरां संचालकों से सुरक्षा के मद्देनजर अपने प्रतिष्ठान बंद रखने का आग्रह किया गया है. एसोसिएशन ने संभावित हिंसा, यातायात बाधित होने और संपत्ति को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई है. द ट्रिब्यून से बातचीत में अतुल भार्गव ने कहा, “कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में संभावित हिंसा, यातायात जाम और अन्य अप्रिय घटनाओं को रोकने के लिए सावधानी बरतना जरूरी है. हम हर दिन ऐसा नहीं कर सकते. सरकार और प्रशासन को इसका समाधान निकालना चाहिए.”

यदि कारोबारी इस अपील का व्यापक रूप से पालन करते हैं. इसका असर राजधानी के सबसे व्यस्त व्यावसायिक इलाकों पर पड़ेगा. कनॉट प्लेस में शनिवार को असामान्य रूप से सन्नाटा छा सकता है. दिल्ली के लिए शॉपिंग का सबसे पॉपुलर स्पॉट लाजपत नगर भी बंद रह सकता है. हालांकि सभी प्रतिष्ठानों के पूरी तरह बंद रहने की अभी पुष्टि नहीं हुई है.
सीजेपी ने 2 अक्तूबर से ही देश भर में अलग अलग राज्यों में आंदोलन का ऐलान किया था. दिल्ली में प्रस्तावित बंद का मामला कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन से जुड़ा है. पार्टी मतदाता सूची के पुनरीक्षण में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करने की तैयारी में है. पुलिस ने एक दिन पहले बताया कि जंतर मंतर पर आंदोलन करने की अनुमति नहीं दी गई है. आवेदन देर से दिए जाने और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चिंताओं का हवाला दिया गया है. पुलिस ने प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है.
कनॉट प्लेस में कारोबार बंद रखने की अपील पहले भी की जा चुकी है. 23 जुलाई को CJP के विरोध प्रदर्शन के दौरान NDTA ने दुकानों, रेस्तरां और कार्यालयों को शाम 6:30 बजे तक बंद करने के लिए कहा था. उस समय अधिकांश कारोबारियों ने अपील का पालन किया था. शाम होते-होते बाजार में काफी हद तक सन्नाटा छा गया था. इससे पहले 25 अप्रैल 2025 को पहलगाम आतंकी हमले के विरोध में दिल्ली में व्यापारियों की ओर से बुलाए गए शहरव्यापी बंद के दौरान भी कनॉट प्लेस बंद रहा था.

