Punjab News: छात्रों को नशे के हानिकारक प्रभावों के बारे में शिक्षित करने और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से, साहनेवाल के टैगोर इंटरनेशनल स्कूल में कक्षा 8 से 10 तक के छात्रों के लिए एक नशा-विरोधी जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र के दौरान, छात्रों को नशे से दूर रहने, अच्छी आदतें अपनाने और अपने भविष्य की ज़िम्मेदारी लेने के लिए प्रेरित किया गया।
पंजाबी फिल्म अभिनेत्री और सामाजिक कार्यकर्ता प्रीति सप्रू, तथा सामाजिक कार्यकर्ता जतिंदर कौर संधू ने इस कार्यक्रम में विशेष अतिथियों के रूप में भाग लिया। यह जागरूकता सत्र प्रीति सप्रू द्वारा संचालित ‘हे-माँ फाउंडेशन’ (Hey-Maa Foundation) के सहयोग से आयोजित किया गया था। इस दौरान फाउंडेशन द्वारा समाज में जागरूकता फैलाने और नशा-मुक्त समाज बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में भी जानकारी दी गई। सत्र को संबोधित करते हुए, प्रीति सप्रू ने छात्रों को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसानों के बारे में विस्तार से बताया।
उन्होंने कहा कि नशा किसी व्यक्ति के स्वास्थ्य, सोचने-समझने की क्षमता और जीवन के लक्ष्यों पर बहुत बुरा असर डाल सकता है। इसके परिणाम केवल नशा करने वाले व्यक्ति तक ही सीमित नहीं रहते, बल्कि उसके परिवार और पूरे समाज को भी इसके दुष्परिणाम भुगतने पड़ते हैं। उन्होंने छात्रों से बुरी संगत और हानिकारक चीज़ों से दूर रहने, सकारात्मक सोच रखने, और पढ़ाई, खेलों तथा अन्य रचनात्मक गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह किया। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि जीवन में सही समय पर सही फैसले लेना ही व्यक्ति को सफलता और एक उज्ज्वल भविष्य की ओर ले जाता है।
इस जागरूकता सत्र के माध्यम से छात्रों को यह संदेश दिया गया कि नशे से बचने के लिए जागरूकता, आत्मविश्वास और परिवार तथा समाज का सहयोग बहुत ज़रूरी है। नई पीढ़ी को नशे के हानिकारक प्रभावों के बारे में शिक्षित करके ही एक स्वस्थ और नशा-मुक्त समाज की मज़बूत नींव रखी जा सकती है। स्कूल के मैनेजिंग डायरेक्टर बी.के. अनेजा और डायरेक्टर स्वाति अनेजा ने छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना ही नहीं है, बल्कि छात्रों को एक अच्छा नागरिक बनाना और उनमें सामाजिक जिम्मेदारी की भावना पैदा करना भी है।
स्कूल की प्रिंसिपल शालिनी खुल्लर ने छात्रों से नशीले पदार्थों से दूर रहने और एक स्वस्थ जीवन शैली अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अच्छी आदतें, अनुशासन और सही फैसले लेने की क्षमता एक सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त करती हैं। अंत में, स्कूल की डायरेक्टर स्वाति अनेजा ने कार्यक्रम में शामिल होने और छात्रों के साथ अपने बहुमूल्य विचार साझा करने के लिए सभी अतिथियों का विशेष रूप से धन्यवाद किया।
