Haryana News: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने धनतेरस के अवसर पर प्रदेशवासियों को बड़ी सौगात दी। चंडीगढ़ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न 21 योजनाओं के तहत 52 लाख 2,183 पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में कुल 4,470 करोड़ 77 लाख रुपये की राशि जारी की। इस दौरान उन्होंने दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना की 13वीं किस्त जारी करने के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा पेंशन, हर घर-हर गृहिणी योजना और दयालु योजना के लाभार्थियों को भी आर्थिक सहायता वितरित की।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को धनतेरस, दीपावली और आने वाले सभी पावन पर्वों की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक सीधे पहुंचाना है।
लाडो लक्ष्मी योजना की 13वीं किस्त जारी
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना की 13वीं किस्त जारी करते हुए बताया कि 10 लाख 59 हजार लाभार्थी बहनों के बैंक खातों में 222 करोड़ 52 लाख रुपये की राशि भेजी गई है। इस किस्त को मिलाकर योजना के तहत अब तक 13 किस्तों में कुल 2,689 करोड़ 15 लाख रुपये जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि योजना का दूसरा चरण 17 सितंबर से शुरू हो चुका है। इसके तहत योजना का दायरा बढ़ाते हुए वार्षिक आय सीमा को 1 लाख 80 हजार रुपये कर दिया गया है।
35 लाख से ज्यादा लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश की 15 विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत 1,135 करोड़ 21 लाख रुपये की राशि जारी की गई है। यह रकम सीधे 35 लाख 26 हजार 358 लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंचाई गई है। वहीं, हर घर-हर गृहिणी योजना के तहत गैस सिलेंडर रिफिल करवाने वाली 6 लाख 5 हजार महिलाओं के खातों में सितंबर महीने की 24 करोड़ 25 लाख रुपये की सब्सिडी भी भेजी गई है। इस राशि को मिलाकर योजना के तहत अब तक कुल 404 करोड़ 46 लाख रुपये की सब्सिडी दी जा चुकी है।
दयालु योजना के तहत 5429 परिवारों को आर्थिक सहायता
मुख्यमंत्री ने कहा कि दयालु योजना के तहत 5,429 परिवारों को 202 करोड़ 99 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। आज जारी की गई राशि को मिलाकर इस योजना के तहत अब तक कुल 3,682 करोड़ 83 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है।
गांवों और शहरों के विकास के लिए करोड़ों रुपये जारी
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि गांवों के विकास कार्यों के लिए राज्य वित्त आयोग के तहत 2,316 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके तहत अनुदान की पहली और दूसरी किस्त के रूप में 1,158 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। यह राशि प्रदेश की 22 जिला परिषदों, 143 पंचायत समितियों और 6,230 ग्राम पंचायतों के बैंक खातों में भेजी गई है। इसी तरह शहरों के विकास के लिए राज्य वित्त आयोग योजना में 2,754 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है। आज प्रदेश की नगरपालिकाओं को 1,727 करोड़ 80 लाख रुपये की राशि जारी की गई।
मधुमक्खी पालकों को मिलेगा 6.25 लाख रुपये तक का बीमा क्लेम
मुख्यमंत्री ने मधुमक्खी पालन करने वाले किसानों के लिए भी अहम घोषणा की। उन्होंने बताया कि 16 अगस्त 2025 को कुरुक्षेत्र में शहद को भावांतर भरपाई योजना में शामिल करने की घोषणा की गई थी। इसके तहत शहद का संरक्षित मूल्य 120 रुपये प्रति किलोग्राम तय किया गया है। अब मधुमक्खी पालन को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से सुरक्षा देने के लिए इसे मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना में भी शामिल कर लिया गया है। इसके तहत मधुमक्खी पालकों को प्रति कॉलोनी और प्रति बॉक्स केवल 50 रुपये प्रीमियम देना होगा। योजना के अंतर्गत उन्हें 6 लाख 25 हजार रुपये तक का बीमा क्लेम मिल सकेगा।
कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते में 3% बढ़ोतरी
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को भी बड़ी राहत दी। उन्होंने महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में 3 प्रतिशत बढ़ोतरी करने की घोषणा की। यह बढ़ोतरी 1 जुलाई 2026 से लागू होगी। इसके साथ ही महंगाई भत्ते और महंगाई राहत की दर 60 प्रतिशत से बढ़कर 63 प्रतिशत हो गई है। इस फैसले से राज्य सरकार के लगभग 2 लाख 78 हजार नियमित कर्मचारियों और करीब 2 लाख 60 हजार पेंशनभोगियों को लाभ मिलेगा।
हरियाणा में 43 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में धान खरीद की स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि 29 सितंबर से राज्य की 278 मंडियों में धान की खरीद शुरू की गई थी, जो 15 नवंबर तक चलेगी। मंडियों में कॉमन धान की खरीद 2,441 रुपये प्रति क्विंटल और ग्रेड-ए धान की खरीद 2,461 रुपये प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर की जा रही है। उन्होंने बताया कि 5 नवंबर तक मंडियों में 48 लाख मीट्रिक टन धान की आवक हो चुकी है, जिसमें से 43 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। अब तक 2 लाख 88 हजार 102 किसानों को 9,880 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है।

