South Delhi KIA Showroom Fire: राजधानी दिल्ली के दक्षिणी इलाके में शुक्रवार को एक बड़ा अग्निकांड सामने आया। सैदुलाजाब इलाके में साकेत मेट्रो स्टेशन के पास स्थित किआ (Kia) कार शोरूम में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि शोरूम में खड़ी कई गाड़ियां इसकी चपेट में आ गईं और आसमान में काले धुएं का घना गुबार दिखाई देने लगा। इस हादसे में सात लोग घायल हुए हैं, जबकि इमारत में फंसे करीब 12 से 15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। अधिकारियों के मुताबिक दमकल विभाग ने आग पर काबू पा लिया है।
दोपहर 3:45 बजे मिली आग लगने की सूचना
अधिकारियों के अनुसार शुक्रवार दोपहर करीब 3:45 बजे प्रशासन को साकेत मेट्रो स्टेशन के सामने स्थित किआ शोरूम में आग लगने की सूचना मिली। दिल्ली अग्निशमन सेवा को शाम करीब 3:47 बजे कॉल प्राप्त हुई, जिसके बाद शुरुआत में दमकल की 10 गाड़ियों को मौके पर रवाना किया गया। आग की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग और अन्य आपातकालीन एजेंसियों की टीमें भी घटनास्थल पर पहुंचीं। दक्षिण दिल्ली के उप जिलाधिकारी लक्ष्य सिंघल ने बताया कि सूचना मिलते ही बचाव और राहत अभियान शुरू कर दिया गया था। आग ने कुछ ही समय में शोरूम के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे अंदर खड़ी कई कारें जलकर क्षतिग्रस्त हो गईं।
सात लोग घायल, अस्पतालों में किए गए भर्ती
इस हादसे में कुल सात लोग घायल हुए हैं। उप जिलाधिकारी लक्ष्य सिंघल के मुताबिक घायलों में से चार को मैक्स अस्पताल और तीन को मदन मोहन मालवीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस के अनुसार कुछ लोगों को धुएं के कारण सांस लेने में परेशानी हुई। घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। राहत की बात यह है कि अधिकारियों ने घटना में किसी की मौत की पुष्टि नहीं की है। पुलिस और प्रशासन की टीमें यह सुनिश्चित करने के लिए इमारत की तलाशी ले रही थीं कि कहीं कोई अन्य व्यक्ति अंदर फंसा तो नहीं रह गया।
सीढ़ियां लगाकर छत पर फंसे लोगों को निकाला
आग लगने के बाद शोरूम की ऊपरी मंजिलों पर कई लोग फंस गए थे। उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए बचाव दल ने आसपास की इमारतों के सहारे सीढ़ियां लगाईं। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस और राहतकर्मियों की मदद की। पुलिस के अनुसार इमारत की छत और पिछले हिस्से से लोगों को बाहर निकाला गया। पूरे बचाव अभियान में दिल्ली अग्निशमन सेवा, दिल्ली पुलिस, राजस्व विभाग, दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA), एंबुलेंस सेवा और केंद्रीय दुर्घटना एवं आघात सेवा (CATS) की टीमें शामिल रहीं। पुलिस और दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पाने के साथ-साथ इमारत में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने पर ध्यान दिया।

