अपाचे हेलीकॉप्टर और अल्ट्रा लाइट होवित्जर तोपों के रखरखाव से संबंधित हैं ये उपकरण
India-US Defence Deal (द भारत ख़बर), नई दिल्ली : एक तरफ जहां भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर अभी सहमति नहीं बनी है। वहीं इन दोनों देशों के बीच सैन्य संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। ज्ञात रहे कि पिछले दिनों अमेरिकी राष्टÑपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत की भूगौलिक स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा था कि यदि भविष्य में भारत पर किसी तरह का हमला होता है तो अमेरिका भारत के साथ खड़ा मिलेगा। वहीं अब भारत और अमेरिका के बीच सैन्य उपकरणों को लेकर बड़ी डील होने जा रही है।
इसी के चलते अमेरिका ने भारत को अपाचे हेलीकॉप्टर और अल्ट्रा लाइट होवित्जर तोपों के रखरखाव और सहायता सेवाओं से संबंधित उपकरण बेचने की मंजूरी दे दी है। इस प्रस्तावित सौदे की कुल अनुमानित लागत 48.22 करोड़ अमेरिकी डॉलर है। अमेरिका के डिफेंस सिक्योरिटी कोआॅपरेशन एजेंसी (डीएससीए), जो विदेशी सैन्य बिक्री (एफएमएस) को मंजूरी देती है, उसने 17 जून को संघीय रजिस्टर में इस रक्षा बिक्री संबंधी अधिसूचना जारी की।
भारत ने इसलिए खरीदी थी एम777ए2 अल्ट्रा-लाइट हॉवित्जर तोप
इससे पहले 18 मई को अमेरिकी विदेश विभाग ने भारत को अपाचे हेलीकॉप्टरों और एम777ए2 अल्ट्रा-लाइट हॉवित्जर तोपों के लिए सहायता सेवाओं की संभावित बिक्री के बारे में अमेरिकी कांग्रेस को सूचित किया था। भारत ने अपनी तोपखाना क्षमता, खासकर पर्वतीय क्षेत्रों में संचालन क्षमता को मजबूत करने के लिए अमेरिका से एम777ए2 अल्ट्रा-लाइट हॉवित्जर खरीदी थीं। वहीं भारतीय सेना एएच-64ई अपाचे अटैक हेलीकॉप्टरों का भी संचालन करती है, जिन्हें दुनिया के सबसे उन्नत लड़ाकू हेलीकॉप्टरों में गिना जाता है।
इस तरह वितरित किया गया पैकेज
अधिसूचना के अनुसार, भारत ने एम777ए2 अल्ट्रा-लाइट हॉवित्जर के लिए दीर्घकालिक रखरखाव सहायता का अनुरोध किया है। इस पैकेज में सहायक उपकरण, स्पेयर पार्ट्स, मरम्मत एवं वापसी सेवाएं, प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता, फील्ड सर्विस प्रतिनिधि, डिपो क्षमता विकास तथा लॉजिस्टिक और कार्यक्रम सहायता से जुड़े तत्व शामिल होंगे। इस सहायता पैकेज की अनुमानित लागत 23 करोड़ डॉलर बताई गई है।
एक अलग अधिसूचना में अमेरिकी रक्षा विभाग ने बताया कि भारत ने एएच-64ई अपाचे हेलीकॉप्टरों के लिए रखरखाव सहायता सेवाएं, अमेरिकी सरकार और निजी ठेकेदारों की इंजीनियरिंग, तकनीकी एवं लॉजिस्टिक सहायता, तकनीकी दस्तावेज, प्रशिक्षण और अन्य संबंधित कार्यक्रम सहायता की मांग की है। अपाचे हेलीकॉप्टरों के लिए प्रस्तावित सहायता पैकेज की अनुमानित लागत 19.82 करोड़ डॉलर है।
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