सरकार का कहना है कि जिन अन्य एप्स का भी इसी तरह गलत इस्तेमाल हो रहा है, उन्हें भी ब्लॉक किया जाएगा।
E Rickshaw App Ban:, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: ई-रिक्शा को चलते-चलते रोकने वाले चीनी मोबाइल एप्स पर केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने BAT-BMS, Lossigy और Epochl-i-ion जैसे एप्स को तुरंत प्ले स्टोर से हटाने का आदेश दिया है। आईटी मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। सरकार के अनुसार, ये एप मूल रूप से बैटरी की जांच और सर्विसिंग के लिए बनाए गए थे, लेकिन कुछ लोग इनका दुरुपयोग कर रहे थे।
ऐसे मामलों में ई-रिक्शा की बैटरी से बिना अनुमति कनेक्ट होकर वाहन की पावर सप्लाई बंद की जा सकती थी। इसी को देखते हुए केंद्र ने संबंधित एप्स को हटाने का फैसला लिया है। हालांकि, ये एप प्ले स्टोर पर अब भी मौजूद हैं।
बैटरी की चार्जिंग, तापमान और वोल्टेज जैसी जानकारी देखने के लिए बनाए गए थे ऐप
BAT-BMS ऐप को चीन की कंपनी शेन्जेन ग्रीनर्जी टेक्नोलॉजी ने बैटरी की चार्जिंग, तापमान और वोल्टेज जैसी जानकारी देखने के लिए बनाया था, लेकिन भारत में बिकने वाले कई सस्ते ई-रिक्शा में लगी चीनी लिथियम बैटरी के BMS में पासवर्ड या सुरक्षा नहीं होती।
ऐसे में बैटरी का ब्लूटूथ 10 से 15 मीटर की दूरी तक किसी भी फोन से जुड़ सकता है। ऐप में मौजूद बैटरी बंद करने वाला फीचर, जो मरम्मत के दौरान इस्तेमाल के लिए बनाया गया था, अब कुछ लोग उसका गलत इस्तेमाल कर ई-रिक्शा की बिजली काट देते हैं।
ई-रिक्शा चालक कैसे रहें सुरक्षित?
विशेषज्ञों का कहना है कि चालक सबसे पहले अपनी बैटरी का डिफॉल्ट पासवर्ड बदलें। यदि बैटरी में एप कंट्रोल लॉक या रिमोट कंट्रोल लॉक का विकल्प हो तो उसे सक्रिय करें। जिन चालकों को ब्लूटूथ मॉनिटरिंग की जरूरत नहीं है, वे तकनीशियन की मदद से ब्लूटूथ मॉड्यूल बंद करवा सकते हैं।
इससे कोई दूसरा मोबाइल बैटरी से कनेक्ट नहीं हो पाएगा। हालांकि यह खतरा केवल कुछ ब्लूटूथ आधारित लिथियम बैटरी सिस्टम तक सीमित बताया गया है। पारंपरिक लेड-एसिड बैटरी वाले अधिकांश ई-रिक्शा इस समस्या से प्रभावित नहीं होते।
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