
28 फरवरी 2026 को अमेरिकी और इजरायली हमले में हुई थी मौत
Khamenei’s Funeral, (द भारत ख़बर), तेहरान: ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई और उनके परिवार के सदस्यों की अंतिम विदाई की रस्में शुरू हो गई हैं। ईरान में अली खामेनेई के साथ जिन लोगों को श्रद्धांजलि दी जा रही है, उनमें उनके एक दामाद, उनकी सबसे बड़ी बेटी, 14 महीने की पोती और ईरान के नए सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई की पत्नी शामिल हैं। 14 महीने की बच्ची का छोटा सा ताबूत अली खामेनेई के ताबूत के बगल में रखा हुआ है। ताबूत के बगल में ही बच्ची की प्यारी सी तस्वीर रखी हुई है।

9 जुलाई को ईरान के मशहद शहर में किया जाएगा सुपुर्द-ए-खाक
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान समेत देश का शीर्ष नेतृत्व तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला में खामेनेई को श्रद्धांजलि देने पहुंचा हैं। इस दौरान पजशकियान भावुक होकर रो पड़े। खामेनेई को मौत के 131 दिन बाद, 9 जुलाई को ईरान के मशहद शहर में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
इंडियन डेलिगेशन ने भी दी श्रद्धांजलि

ईरान की राजधानी तेहरान में भारतीय धर्मगुरुओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने अयातुल्ला अली खामेनेई को श्रद्धांजलि अर्पित की। वहीं, इंडियन डेलिगेशन ने शुक्रवार को ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई को श्रद्धांजलि दी।
अली खामेनेई के अंतिम संस्कार का पूरा कार्यक्रम
- 4-5 जुलाई: तेहरान में आम लोगों के लिए श्रद्धांजलि समारोह होगा। अली खामेनेई और उनके परिवार के कई सदस्यों के ताबूत ग्रैंड मोसल्ला में रखे जाएंगे, जहां लोग अंतिम दर्शन कर सकेंगे।
- 6-7 जुलाई: अंतिम यात्रा तेहरान के अलग-अलग इलाकों से गुजरते हुए कोम पहुंचेगी। कोम शिया इस्लाम की शिक्षा का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है। खामेनेई ने यहीं तालीम हासिल की थी।
- 8 जुलाई: इराक के नजफ और कर्बला में सार्वजनिक अंतिम यात्राएं निकाली जाएंगी। नजफ- इमाम अली दरगाह शिया मुसलमानों के सबसे पवित्र धार्मिक स्थलों में से एक है। कर्बला- में इमाम हुसैन और उनके सौतेले भाई अब्बास की दरगाहें भी शिया मुसलमानों के सबसे पवित्र स्थलों में गिनी जाती हैं।
- 9 जुलाई: अली खामेनेई के पार्थिव शरीर को वापस ईरान लाया जाएगा। उसी दिन मशहद स्थित इमाम रजा दरगाह में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
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