September Bank Strike: देशभर के बैंक ग्राहकों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने 11 सितंबर 2026 को देशव्यापी बैंक हड़ताल का ऐलान किया है। बैंक यूनियनें पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था लागू करने में देरी, परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) को लेकर मतभेद और पेंशन से जुड़े लंबित मुद्दों को लेकर सरकार और बैंक प्रबंधन पर दबाव बना रही हैं। अगर प्रस्तावित हड़ताल होती है तो खासकर सरकारी बैंकों की सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। 11 सितंबर शुक्रवार है और उसके बाद शनिवार-रविवार की छुट्टी है। इसके अलावा कुछ राज्यों में 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी की छुट्टी है। ऐसे में कुछ जगहों पर बैंकिंग सेवाओं पर लगातार कई दिनों तक असर पड़ सकता है।
क्यों हो रही है बैंकों की हड़ताल?
UFBU के मुताबिक पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था लागू करने में हो रही देरी उनकी प्रमुख नाराजगी का कारण है। इसके अलावा PLI योजना और कर्मचारियों-पेंशनरों से जुड़े कई मुद्दे भी लंबे समय से लंबित हैं। UFBU नौ प्रमुख बैंक कर्मचारी और अधिकारी संगठनों का संयुक्त मंच है। संगठन का कहना है कि इन मुद्दों पर लंबे समय से बातचीत चल रही है, लेकिन समाधान की दिशा में पर्याप्त प्रगति नहीं हुई है। बैंक कर्मचारी संगठन चाहते हैं कि बैंकों में सोमवार से शुक्रवार तक पांच दिन काम हो और शनिवार-रविवार साप्ताहिक अवकाश रहे। UFBU का कहना है कि पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था का प्रस्ताव पहले ही आगे बढ़ाया जा चुका है। इसके लिए सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना काम के समय में करीब 40 मिनट की बढ़ोतरी का प्रस्ताव था। प्रस्ताव को सरकार की मंजूरी का इंतजार है और दो साल से ज्यादा समय बीतने के बावजूद इसे लागू नहीं किया गया है।
PLI योजना को लेकर क्या विवाद है?
बैंक यूनियनें परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव यानी PLI के मौजूदा ढांचे को लेकर भी आपत्ति जता रही हैं। उनका कहना है कि इंसेंटिव की व्यवस्था द्विपक्षीय समझौते के अनुरूप होनी चाहिए और कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच भेदभाव नहीं होना चाहिए। PLI का मुद्दा मुख्य श्रम आयुक्त के समक्ष conciliation प्रक्रिया में है और इससे जुड़े मामले की सुनवाई दिल्ली हाई कोर्ट में भी चल रही है। UFBU की मांगों में पेंशन अपडेट करना और सभी पेंशनरों के लिए एक समान महंगाई भत्ता (DA) फॉर्मूला लागू करना भी शामिल है। संगठन ने पेंशन से जुड़े अन्य लंबित मामलों को भी जल्द सुलझाने की मांग की है। इसके अलावा बैंक कर्मचारियों के लिए NPS से OPS में जाने का विकल्प देने की मांग भी यूनियन की प्रमुख मांगों में रही है।
अक्टूबर में फिर हो सकती है हड़ताल
11 सितंबर की हड़ताल के बाद भी मामला नहीं सुलझा तो बैंक यूनियनों ने आगे आंदोलन तेज करने का संकेत दिया है। UFBU ने 28 से 30 सितंबर तक तीन दिन की देशव्यापी हड़ताल का भी कार्यक्रम घोषित किया है। यह प्रस्तावित हड़ताल छमाही लेखा बंदी की अवधि के दौरान होगी। इसके बाद 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी भी दी गई है। आगे की कार्रवाई सरकार, IBA और बैंक यूनियनों के बीच बातचीत के नतीजे पर निर्भर करेगी।
ग्राहकों पर क्या पड़ेगा असर?
अगर 11 सितंबर की हड़ताल लागू होती है तो बैंक शाखाओं में कैश जमा-निकासी, चेक से जुड़े काम, ड्राफ्ट और अन्य काउंटर सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। खास तौर पर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की शाखाओं पर इसका असर अधिक रहने की संभावना है। हालांकि UPI, ATM, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाएं आम तौर पर अलग चैनलों के जरिए चलती हैं, इसलिए इनके पूरी तरह बंद होने की बात फिलहाल नहीं कही जा सकती। फिर भी किसी जरूरी बैंक शाखा संबंधी काम को हड़ताल की तारीख से पहले निपटा लेना बेहतर रहेगा।

