ईरान ने ट्रंप के दावे को किया खारिज, कहा- अमेरिका झूठा दावा करता है कि हमारी मुक्त संपत्ति से हम उनकी कृषि उपज खरीद लेंगे
US-Iran Conflict (द भारत ख़बर), वॉशिंगटन/तेहरान : अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के बाद चल रही वार्ता के बीच अमेरिका और ईरान की तरफ से एक बार फिर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। इन दावों के चलते दोनों में तनाव की स्थिति भी पनप रही है। दूसरी तरफ दोनों देशों का कहना है कि वे शांति वार्ता जारी रखेंगे। अब दोनों देशों के बीच अमेरिकी राष्टÑपति के ताजा बयान को लेकर तल्खी बढ़ गई है।
दरअसल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह ईरान की जमा की गई संपत्तियों का इस्तेमाल अमेरिकी कृषि उत्पाद खरीदने के लिए किया जाएगा। उन्होंने एक कार्यक्रम में अमेरिकी किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि हम उनका कुछ पैसा लेंगे और उससे गेहूं, सोयाबीन और मक्का जैसी फसलें खरीदेंगे। यह प्रक्रिया जल्द शुरू होगी और काफी बड़ी होगी। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि ईरान के जमा किए गए धन का उपयोग अमेरिकी कृषि उत्पाद खरीदने में किया जाएगा, जिन्हें बाद में ईरान को उपलब्ध कराया जाएगा।
ईरान ने दी यह प्रतिक्रिया
अमेरिकी राष्ट्रपति का कहना है कि उनका प्रशासन ईरान की मुक्त की गई संपत्तियों का उपयोग अमेरिकी कृषि उत्पादों को खरीदने के लिए करेगा। लेकिन ईरान के संसदीय अध्यक्ष और ईरानी वार्ता दल के एक प्रमुख व्यक्ति मोहम्मद बगेर गालिबफ ने इस दावे को खारिज कर दिया है। गालिबफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स लिखा ‘अमेरिका झूठा दावा करता है कि हमारी मुक्त संपत्ति से हम उनकी कृषि उपज खरीद लेंगे। दिलचस्प बात है। हम जो फसल काट रहे हैं, वह तो आपने ही बोई है: दशकों का अविश्वास। यह जैविक है, प्रचुर मात्रा में है और स्वदेशी है। लेकिन जाहिर तौर पर अमेरिका सिर्फ आनुवंशिक रूप से संशोधित सोयाबीन, टूटे वादे और झूठे दावे ही निर्यात करता है।
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