शाही कार्यक्रमों और प्रशासन का केंद्र बना रहेगा बकिंघम पैलेस
King Charles, (द भारत ख़बर), लंदन: ब्रिटेन के किंग चार्ल्स III और क्वीन कैमिला बकिंघम पैलेस की मरम्मत पूरी होने के बाद भी वहां रहने नहीं जाएंगे। शाही परिवार की नई वित्तीय रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। करीब 369 मिलियन पाउंड (करीब 4,300 करोड़ रुपये) की लागत से बकिंघम पैलेस की 10 साल से चल रही मरम्मत अगले साल मार्च में पूरी होने वाली है। 1837 से बकिंघम पैलेस ब्रिटेन के राजा या रानी का आधिकारिक लंदन निवास रहा है।
अब भी यह शाही परिवार का मुख्य प्रशासनिक और औपचारिक केंद्र बना रहेगा। लेकिन किंग चार्ल्स ने फैसला किया है कि उनका आधिकारिक घर पास में स्थित क्लेरेंस हाउस ही रहेगा। इतिहास में महारानी विक्टोरिया के समय के बाद यह पहली बार होगा, जब कोई ब्रिटिश सम्राट बकिंघम पैलेस के बजाय किसी दूसरे शाही घर को अपना स्थायी निवास बनाए रखेगा।
क्यों लिया ये फैसला?
महल के अधिकारियों के मुताबिक, इस फैसले का सबसे बड़ा कारण यह है कि बकिंघम पैलेस को आम लोगों के लिए पहले से ज्यादा समय तक खोला जा सके। अभी हर साल गर्मियों में पर्यटक महल के स्टेट रूम्स देख सकते हैं। अगर राजा वहीं रहेंगे, तो सुरक्षा कारणों से कई हिस्से बंद रखने पड़ेंगे।
राजा के बाहर रहने से ज्यादा लोग महल घूम सकेंगे और पर्यटन से होने वाली कमाई भी बढ़ेगी। किंग चार्ल्स और क्वीन कैमिला 2005 में शादी के बाद से क्लेरेंस हाउस में रह रहे हैं। यह इमारत सेंट जेम्स पैलेस के पास है और पहले क्वीन मदर का घर थी।
शाही और सरकारी कार्यक्रमों का सबसे बड़ा केंद्र बना रहेगा बकिंघम पैलेस
दोनों अब 70 साल से ज्यादा उम्र के हैं और वे अपने स्टाफ के साथ दोबारा घर बदलने की परेशानी नहीं चाहते। हालांकि वे बकिंघम पैलेस से अपने ज्यादातर शाही काम करते रहेंगे। राजकीय भोज, गार्डन पार्टियां, विदेशी नेताओं और नए राजदूतों से मुलाकात तथा प्रधानमंत्री से बैठकें पहले की तरह बकिंघम पैलेस में ही होंगी।
महल में उनके लिए कुछ निजी कमरे भी रहेंगे, जहां वे काम के दौरान आराम कर सकेंगे या जरूरत पड़ने पर ठहर सकेंगे। शाही प्रवक्ता ने कहा कि किंग चार्ल्स को बकिंघम पैलेस से बहुत लगाव है। यह महल पहले की तरह शाही और सरकारी कार्यक्रमों का सबसे बड़ा केंद्र बना रहेगा।
किंग चार्ल्स ने टैक्स की जानकारी साझा की
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि किंग चार्ल्स ऐसे पहले ब्रिटिश एंपरर बन गए हैं जिन्होंने अपने टैक्स भुगतान की जानकारी सार्वजनिक की है। उन्होंने 2024-25 में 12.9 मिलियन पाउंड और 2023-24 में 11.7 मिलियन पाउंड टैक्स चुकाया। इस वजह से वे उस साल ब्रिटेन के सबसे ज्यादा टैक्स देने वाले 100 लोगों में शामिल रहे।
बकिंघम पैलेस की मरम्मत के लिए 2017 से सोवरेन ग्रांट बढ़ाई गई थी। मरम्मत पूरी होने के बाद 2027-28 में यह राशि 137.9 मिलियन पाउंड से घटकर 99.9 मिलियन पाउंड हो जाएगी। इस पैसे का इस्तेमाल दूसरे शाही महलों की मरम्मत, साइबर सुरक्षा मजबूत करने, ऊर्जा बचाने वाली हीटिंग व्यवस्था लगाने और विंडसर कैसल में पुराने बॉयलर बदलने में भी होगा।
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