Punjab News: खरड़ में ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाली जगह, महाराजा अज सरोवर के विकास के लिए ₹93.94 करोड़ की परियोजना को केंद्र स्तर पर सैद्धांतिक मंज़ूरी मिलने के बाद, आज श्री राम मंदिर अज सरोवर विकास समिति द्वारा एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। समिति के अध्यक्ष शशि पाल जैन और अन्य सदस्यों ने राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू का सम्मान किया और परियोजना को आगे बढ़ाने और इसकी मंज़ूरी दिलाने में उनके प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर, संगत ने पूजा-अर्चना के लिए श्री राम मंदिर के दर्शन किए।
केंद्र सरकार की ‘स्वदेश दर्शन’ योजना के तहत विकसित की जा रही यह परियोजना महाराजा अज सरोवर और उससे जुड़ी विरासत स्थल के संरक्षण और विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। महाराजा अज सरोवर का ऐतिहासिक संबंध भगवान श्री राम के दादा, महाराजा अज से है। विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोगों द्वारा पूजनीय यह स्थल पंजाब की साझा विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
समिति के अध्यक्ष शशि पाल जैन लगभग 35 से 40 वर्षों से महाराजा अज सरोवर और इस विरासत स्थल के संरक्षण और विकास के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि ज़रूरी स्थानीय प्रक्रियाओं और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) के पूरा होने के बाद, राज्यसभा सदस्य सतनाम सिंह संधू ने केंद्र सरकार के समक्ष इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। समिति ने उन सभी नेताओं, संगठनों और संगत (समुदाय) का आभार व्यक्त किया जिन्होंने इस पहल का समर्थन किया।
इस मौके पर बोलते हुए सतनाम सिंह संधू ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और विकास को एक नई दिशा मिली है। पंजाब के लिए यह गर्व और खुशी की बात है कि खरड़ में ‘महाराजा अज्ज सरोवर’ के लिए ₹93.94 करोड़ की परियोजना को सैद्धांतिक मंज़ूरी मिल गई है। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का धन्यवाद करता हूँ। यह परियोजना *संगत* (समुदाय) की लंबे समय से चली आ रही इच्छाओं को पूरा करने और आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारी विरासत को संरक्षित करने की दिशा में एक ठोस कदम है।”
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सतनाम सिंह संधू ने समिति के अध्यक्ष शशि पाल जैन की विशेष रूप से तारीफ़ की, जिन्होंने इस विरासत स्थल के विकास के लिए लगभग चार दशकों तक अथक परिश्रम और समर्पित प्रयास किए। उन्होंने शशि पाल जैन के बेटे ललित जैन द्वारा अपनी पेशेवर विशेषज्ञता और अनुभव का इस्तेमाल करते हुए इस पहल को दिए गए सहयोग की भी सराहना की। उन्होंने केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का भी धन्यवाद किया और कहा कि इस परियोजना को आगे बढ़ाने में उनके मंत्रालय का सहयोग बहुत महत्वपूर्ण रहा है।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना खरड़ की विरासत को एक नई पहचान देगी और धार्मिक व सांस्कृतिक पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ाएगी। इससे स्थानीय व्यवसायों के लिए नए अवसर पैदा होंगे और युवाओं के लिए रोज़गार के रास्ते खुलेंगे।
