15 अगस्त को लाल किले से पीएम ने कहा था, देश को दिमागी नक्सलियों से बचना चाहिए
P. Chidambaram, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: 15 अगस्त के मौके पर लाल किले से संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने कहा था, देश को दिमागी नक्सलियों से बचना चाहिए। मोदी ने नागरिकों से ऐसे लोगों की पहचान कर उन्हें अलग-थलग करने की अपील की थी। अब एक दिन बाद पीएम के बयान पर कांग्रेस के सीनियर लीडर पी. चिदंबरम प्रतिक्रिया दी है। पीएम के बयान पर पलटवार करते हुए चिदंबरम ने कहा, मुझे दिमागी नक्सली होने पर गर्व है। वहीं कांग्रेस ने भी मोदी के बयान पर कहा कि दिमागी नक्सल खोखला है।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि पहले जाति जनगणना की मांग को अर्बन नक्सल सोच बताकर खारिज किया गया था, लेकिन एक साल पहले जाति आधारित जनगणना की घोषणा कर दी गई। उन्होंने कहा कि पहले विरोधियों की मांगों को अपमानजनक नाम दिए जाते हैं, फिर बाद में उन्हीं मांगों को मान लिया जाता है। 12 साल बाद भी उनके राजनीतिक भाषण में कुछ नया नहीं था।
नक्सलवाद और माओवादी हिंसा ने युवाओं की जिंदगी और सपनों को बर्बाद किया
पीएम ने अपने भाषण में कहा था, माओवादी सोच वाले लोगों ने सालों तक सत्ता के गलियारों में अपनी जगह बना ली थी। वे सरकारी समितियों में सलाहकार रहे और उन्होंने सरकारी नीतियों को प्रभावित किया। इस चुनौती को कम करके नहीं आंकना चाहिए। इसके लिए देश को और ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। दशकों से चले आ रहे नक्सलवाद और माओवादी हिंसा ने लाखों युवाओं की जिंदगी और उनके सपनों को बर्बाद कर दिया।
इस संघर्ष में 3,500 से ज्यादा पुलिसकर्मी और सुरक्षा बलों के जवान मारे गए, जो युद्धों में मारे जाने वाले सैनिकों की संख्या से काफी ज्यादा है। नक्सलवाद ने भारत के बहुत बड़े हिस्से और बड़ी आबादी को बंदूक के दम पर अपने कब्जे में रखा था।
एंटायर पॉलिटिकल साइंस वाले तंज की भी चर्चा
जयराम रमेश ने अपने हमले को और धार देते हुए प्रधानमंत्री पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि यह यूं ही नहीं है कि उन्हें एंटायर पॉलिटिकल साइंस में एमए यानी मास्टर एब्यूजर कहा जाता है। पीएम मोदी के दिमागी नक्सल वाले बयान और चिदंबरम के जवाब के बाद कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के संकेत हैं।
ये भी पढ़ें: केंद्रीय गृहमंत्री ने सोनिया गांधी पर साधा निशाना, कहा- आपके पाप को जनता माफ नहीं करेगी

