
Aadhaar Authentication for Govt Schemes: सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने SC और OBC के लिए फ्री कोचिंग स्कीम और पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रेन स्कीम को लेकर नए नियम का गजट नोटिफिकेशन जारी किया है। इन योजनाओं का फायदा लेने वाले बच्चों को अब आधार सत्यापन कराना होगा या अपने पास आधार नंबर होने का प्रमाण देना होगा। जिन लोगों के पास आधार नहीं है या किसी वजह से आधार ऑथेंटिफिकेशन नहीं हो पा रहा है, उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी रखी गई है। अगर आप भी इस योजना का लाभ लेने के पात्र हैं, तो नए नियम जरूर जान लेने चाहिए।
आधार नहीं, तब भी मिलेगा लाभ?
नए नियमों का मतलब यह नहीं है कि आधार नहीं होने पर किसी पात्र व्यक्ति को योजना से बाहर कर दिया जाएगा। अगर किसी लाभार्थी के पास आधार नंबर नहीं है, तो उसे आधार एनरोलमेंट के लिए आवेदन करना होगा, जहां वह इसके लिए पात्र है। जब तक आधार नंबर जारी नहीं होता, तब तक नियमों में बताए गए वैकल्पिक पहचान दस्तावेजों के जरिए लाभार्थी की पहचान सत्यापित की जा सकती है।
बच्चों के लिए अलग व्यवस्था
PM CARES फॉर चिल्ड्रेन स्कीम के लाभार्थियों में बच्चे भी शामिल हैं। ऐसे बच्चों के लिए भी नियमों में विशेष व्यवस्था की गई है। अगर बच्चे का आधार अभी नहीं बना है, तो केवल इसी वजह से उसे योजना का लाभ देने से इनकार नहीं किया जाएगा। बच्चे के आधार एनरोलमेंट की प्रक्रिया में माता-पिता या कानूनी अभिभावक की सहमति का इस्तेमाल किया जा सकता है। आधार बनने तक निर्धारित वैकल्पिक दस्तावेजों के आधार पर पहचान की पुष्टि की जा सकती है।
The gazette notification from the Ministry of Social Justice and Empowerment has notified that beneficiaries under the Free Coaching for Scheduled Caste and Other Backward Classes and Prime Minister’s Citizen Assistance and Relief in Emergency Situation Fund Children Scheme must undergo Aadhaar authentication or furnish proof of possession of an Aadhaar number to avail the benefit.
The notification also specifies alternative authentication and identity documents where Aadhaar authentication is not possible, along with provisions for children and beneficiaries without an Aadhaar number.
— Press Trust of India (@PTI_News) September 30, 2026
आधार सत्यापन न हो तो क्या होगा?
अगर आधार ऑथेंटिफिकेशन के दौरान तकनीकी समस्या आती है, तो भी लाभार्थी के लिए दूसरे विकल्प उपलब्ध होंगे। स्थिति के अनुसार OTP, फेस ऑथेंटिफिकेशन, आयरिस स्कैन या अन्य निर्धारित तरीकों से पहचान की पुष्टि की जा सकती है। अगर इनमें से भी ऑथेंटिफिकेशन संभव नहीं होता, तो नियमों के तहत आधार से जुड़े दस्तावेज की अन्य तरीके से जांच करके लाभ देने की व्यवस्था की गई है।
किन योजनाओं पर लागू होंगे नियम?
ये प्रावधान मुख्य रूप से सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की SC, OBC के स्टूडेंट्स के लिए फ्री कोचिंग स्कीम और PM CARES फॉर चिल्ड्रेन स्कीम से जुड़े लाभार्थियों पर लागू होंगे। फ्री कोचिंग स्कीम के तहत आर्थिक रूप से कमजोर SC और OBC विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश की तैयारी के लिए मुफ्त कोचिंग दी जाती है। योजना में PM CARES फॉर चिल्ड्रेन स्कीम के पात्र लाभार्थियों को भी शामिल किया गया है।
सरकार ने क्यों जरूरी किया आधार?
आधार ऑथेंटिफिकेशन का इस्तेमाल लाभार्थी की पहचान सत्यापित करने और सरकारी सहायता सही व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए किया जाता है। इन योजनाओं में सहायता को DBT यानी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए बैंक खाते तक पहुंचाने की व्यवस्था भी है। हालांकि सरकार ने साथ ही यह व्यवस्था रखी है कि Aadhaar न होने या सत्यापन में तकनीकी परेशानी होने पर पात्र लाभार्थी को सिर्फ इसी कारण योजना के लाभ से वंचित न किया जाए।
