नई दिल्ली. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और उसके संस्थापक अभिजीत दिपके के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई के संकेत दिए हैं. पार्टी की तरफ से शुक्रवार, 16 अक्टूबर को दिल्ली के कनॉट प्लेस में तिरंगा प्रदर्शन प्रस्तावित है. इसे लेकर पुलिस ने साफ किया है कि इस कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी गई है. CJP ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को वापस लेने की मांग कर रही है. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन का आह्वान किया है.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट को इस बात की जानकारी दी. इसमें बताया कि शुक्रवार को कनॉट प्लेस में ‘लहरा दो तिरंगा’ प्रदर्शन का आह्वान पर योजना से अवगत कराया गया. दिल्ली पुलिस का कहना था कि प्रदर्शन करने वाले अभिजीत दिपके के खिलाफ उचित कदम उठाए जाएंगे. यह प्रदर्शन पार्टी के कार्यकर्ता सौरव दास और आशुतोष रांका को जंतर मंतर पर तिरंगा फहराने पर हिरासत में लिए जाने के बाद लिया जा रहा है. उन दोनों आदालत की तरफ से 5 दिन के न्यायिक हिरासत में भेजा गया था.
📍Central Park, CP
5 PM, 16th OctoberLet’s Gather In Large Numbers And Wave Our National Flag.🇮🇳
Let’s Stand In Support Of Ashutosh and Saurav! https://t.co/scBzEpZrDe
— Cockroach Janta Party – CJP (@Cockroachisback) October 14, 2026
आपको बता दें कि यह मामला पालिका बाजार में रेडीमेड कपड़ों की दुकान लगाने वाले लाइसेंसधारी विक्रेता अनिल कुमार गुप्ता की याचिका पर सुनवाई के दौरान सामने आया. याचिकाकर्ता ने आशंका जताई कि कनॉट प्लेस में प्रस्तावित प्रदर्शन से इलाके में कारोबार प्रभावित हो सकता है. कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नितिन वासुदेव सांबरे और न्यायमूर्ति संजय शर्मा की खंडपीठ ने सुनवाई की. उसमें कहा कि याचिकाकर्ता ने आशंका जताई है कि CJP की गतिविधियों से कनॉट प्लेस में व्यापारिक कामकाज बाधित हो सकता है. अदालत को बताया गया कि पार्टी को ईमेल के जरिए नोटिस दिया जा चुका है.
दिल्ली पुलिस की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने अदालत को इसे लेकर आश्वस्त किया. बताया गया कि प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे. कानून के तहत सभी संभव उपाय किए जाएंगे. अदालत ने इस आश्वासन को रिकॉर्ड पर लेते हुए मामले की अगली सुनवाई 3 नवंबर के लिए निर्धारित की.
याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सचिन पुरी ने दलील दी कि कनॉट प्लेस के बीचोंबीच प्रदर्शन होने से पूरे इलाके में आवाजाही प्रभावित हो सकती है. उन्होंने कहा कि यह मामला जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने का नहीं है. यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि विरोध-प्रदर्शन के कारण लोगों की आवाजाही और कारोबार बंद न हो. दिल्ली पुलिस की ओर से चेतन शर्मा ने भी कहा कि CJP ने कथित तौर पर अवैध मार्च का आह्वान किया है. उन्होंने त्योहारों के दौरान बाजारों में भीड़ और कारोबार पर पड़ने वाले संभावित असर का जिक्र करते हुए पार्टी के संस्थापक के खिलाफ कार्रवाई की बात कही.

