- झांसी पुलिस ने किया फर्जी मैट्रिमोनियल कॉल सेंटर का पर्र्दाफाश
- नवाबाद थाने के तहत राय कॉलोनी में मकान से चल रहा था नेटवर्क
UP Jhansi News, (द भारत ख़बर), लखनऊ: उत्तर प्रदेश की झांसी पुलिस ने एक ऐसे फर्जी मैट्रिमोनियल कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से खूबसूरत लड़कियों की तस्वीरें तैयार करके पुरुषों के व्हाट्सऐप पर डालता था और उसके बाद उन पुरुषों से बातचीत करके उन्हें जाल में फंसाया जाता था। इसके बाद ब्लैकमेल का खेल शुरू होता था। गिरोह बीते तीन से चार साल से देशभर के 40 से अधिक उम्र के अविवाहित पुरुषों को निशाना बना रहा था।
अखबारों में प्रकाशित मैट्रिमोनियल विज्ञापन तलाशता था गिरोह

झांसी पुलिस की जांच के अनुसार गिरोह सबसे पहले अखबारों में प्रकाशित मैट्रिमोनियल विज्ञापन तलाशता था। फिर वहां से शादी के लिए रिश्ता तलाश रहे पुरुषों के मोबाइल नंबर निकाले जाते थे। कुछ दिन बाद उन नंबर पर कॉल की जाती थी। कॉल करने वाला सबसे पहले कहता, नमस्ते-आपका शादी के लिए रिश्ते का विज्ञापन देखा था। अगर आप ठीक समझें तो आपसे हम बात कर सकते हैं। कॉलर की आवाज इतनी भरोसेमंद होती थी कि हर कोई उस पर यकीन कर सकता था। पुलिस के मुताबिक, बातचीत के थोड़ी देर बाद गिरोह का सदस्य उस पुरुष को व्हाट्सऐप पर एक खूबसूरत लड़की की तस्वीर भेज देता था।
फोटो में चेहरा पसंद के अनुसार तैयार किया जाता था
फोटो में चेहरा एआई की मदद से सामने वाले की पसंद के अनुसार तैयार किया जाता था। पुरुषों को लगता था कि उसे उसकी जीवनसंगिनी मिलने वाली है। खूबसूरत तस्वीर भेजने के बाद पुरुषों की लड़कियों से रोज-रोज की बातें शुरु होती थीं। कई बार अश्लील बातें भी करवाई जाती थी। व्यक्ति को लगता था कि वह अपनी होने वाली पत्नी के साथ बातचीत कर रहा है, पर उसे यह अंदाजा नहीं होता था कि उसके व लड़की के बीच हो रही बातचीत का हर शब्द रिकॉर्ड किया जा रहा है। इसके बाद पुरुषों के ब्लैकमेल का खेल शुरू होता था। झांसी में नवाबाद थाने के तहत राय कॉलोनी स्थित एक मकान से पूरा नेटवर्क चल रहा था और नवाबाद पुलिस व साइबर क्राइम टीम को काफी समय से शिकायतें मिल रही थीं।
9 महिलाएं और 2 पुरुष गिरफ्तार
पुलिस जब छापेमारी के दौरान मकान के अंदर पहुंची तो वहां किसी सामान्य दफ्तर जैसा माहौल था। मोबाइल फोन, लैपटॉप, रजिस्टर और कई महिलाएं कॉल पर व्यस्त थीं। छापे में 9 महिलाएं और 2 पुरुष गिरफ्तार किए गए। मौके से 26 मोबाइल फोन, एक मैकबुक, आईफोन, रजिस्टर, सोने-चांदी के आभूषण समेत कई सामान बरामद हुए. पुलिस के मुताबिक, रजिस्टरों की जांच में करीब 41 लाख रुपए के लेन-देन का रिकॉर्ड भी मिला है।
लड़कियों को दी जाती थी बाकायदा ट्रेनिंग
पुलिस की जांच के मुताबिक, कॉल सेंटर में काम कर रही महिलाओं का काम सिफ फोन उठाना नहीं था। उन्हें बाकायदा ट्रेनिंग दी जाती थी कि किस तरह सामने वाले का भरोसा जीतना है, कैसे बातचीत को आगे बढ़ाना है और कब भावनात्मक जुड़ाव पैदा करना है।
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