भारतीय सर्राफा बाजार में दोनों कीमती धातुओं के दाम छू रहे नई ऊंचाई
Gold Price Update (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : भारतीय सर्राफा बाजार में दोनों कीमती धातुओं के दाम में तेजी का दौर लगातार जारी है। दोनों धातुएं ही अपने-अपने स्तर पर तेजी के नए रिकॉर्ड बना रहीं है। सोना जहां तेजी से एक लाख पचास हजार की तरफ जा रहा है तो वहीं चांदी भी लगातार दो लाख 20 हजार का स्तर छूने को तैयार है। इसी बीच मंगलवार को भी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कीमती धातुओं ने अब तक के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। घरेलू वायदा बाजार यानी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर मंगलवार को सोने की चमक और बढ़ गई।
फरवरी डिलीवरी वाला सोना 1,637 रुपए या 1.2 प्रतिशत की जोरदार बढ़त के साथ 1,38,381 रुपए प्रति 10 ग्राम के नए सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया। यह लगातार दूसरा सत्र है जब पीली धातु ने बढ़त दर्ज की है। इस दौरान, चांदी की चमक भी कम नहीं रही। एमसीएक्स पर मार्च 2026 के अनुबंध वाली चांदी ने लगातार तीसरे दिन अपनी बढ़त कायम रखी। चांदी की कीमतों में 3,724 रुपये या 1.75 प्रतिशत का उछाल आया और यह 2,16,596 रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर को छू गई।
मुनाफा वसूली के चलते स्पॉफ रहा शेयर बाजार
सोमवार की जबरदस्त तेजी के बाद मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में मुनाफावसूली का माहौल पूरा दिन बना रहा जिससे शेयर बाजार लगभग लाला निशान में कारोबार करता रहा। इसके बाद दिन का बाजार बंद होने के समय यह 42 अंक गिरकर बंद हुआ। शेयर बाजार के जानकारों ने भी इस गिरावट के पीछे आईटी और फार्मा शेयरों में मुनाफावसूली और मिले-जुले वैश्विक संकेतों को मुख्य कारण बताया है।
इस तरह रहा सेंसेक्स और निफ्टी का हाल
दो दिन की लगातार बढ़त के बाद, 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 42.64 अंक या 0.05 प्रतिशत गिरकर 85,524.84 पर बंद हुआ। दिन भर सूचकांक एक सीमित दायरे में रहा और उच्चतम स्तर 85,704.93 और न्यूनतम स्तर 85,342.99 को छुआ। 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी मामूली रूप से 4.75 अंक या 0.02 प्रतिशत बढ़कर 26,177.15 पर बंद हुआ।
प्रमुख शेयरों का प्रदर्शन इस तरह रहा
शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच धातु, एफएमसीजी और ऊर्जा क्षेत्र के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, जबकि आईटी और फार्मा क्षेत्र के शेयरों में चुनिंदा दबाव बना रहा। सेंसेक्स कंपनियों में इंफोसिस, भारती एयरटेल, अदानी पोर्ट्स, सन फार्मा, टेक महिंद्रा, इटरनल, एक्सिस बैंक और मारुति प्रमुख रूप से पिछड़ने वाली कंपनियां रहीं। हालांकि, आईटीसी, अल्ट्राटेक सीमेंट, टाटा स्टील और एचडीएफसी बैंक लाभ कमाने वालों में शामिल थे।

