अंबाला. जुलाई का महीना किसानों के लिए सिर्फ धान की रोपाई का समय नहीं है, बल्कि खेती में बदलाव कर कमाई बढ़ाने का भी सबसे सुनहरा अवसर माना जाता है. बरसात के इस मौसम में फलदार पौधों की रोपाई तेजी से सफल होती है और उनकी बढ़वार भी बेहतर होती है. यही कारण है कि हरियाणा सरकार इस समय किसानों को बागवानी की ओर आकर्षित करने के लिए विशेष प्रोत्साहन दे रही है. सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत किसानों को नए फलों के बाग लगाने पर 50 प्रतिशत तक की आर्थिक अनुदान सहायता दी जा रही है. प्रदेश सरकार लंबे समय से पानी की अधिक खपत वाली फसलों के विकल्प के रूप में बागवानी को बढ़ावा दे रही है. इसी कड़ी में ‘मेरा पानी-मेरी विरासत’ योजना से जुड़े किसानों के लिए सहायता राशि बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी गई है. यह राशि तीन वर्षों में अलग-अलग किस्तों के रूप में दी जाएगी. बागवानी विभाग की योजना के तहत नए फलों के बाग लगाने वाले किसानों को प्रति एकड़ 43 हजार रुपये तक का अनुदान भी दिया जा रहा है.
80 प्रतिशत हिस्से में धान
अंबाला जिले में खेती योग्य भूमि के लगभग 80 प्रतिशत हिस्से में धान उगाया जाता है. धान की फसल में पानी की जरूरत सबसे अधिक होती है, जिससे भूजल पर लगातार दबाव बढ़ता जा रहा है. इसी वजह से सरकार किसानों को बागवानी की ओर प्रेरित कर रही है, ताकि पानी की बचत के साथ-साथ किसानों की आमदनी भी बढ़ाई जा सके. योजना के तहत पहले वर्ष बाग लगाने पर किसानों को 23 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाती है. अगले दो वर्षों तक पौधों के रखरखाव के लिए 10-10 हजार रुपये की अतिरिक्त अनुदान राशि मिलेगी. इससे किसान पौधों की देखभाल, सिंचाई, खाद और दवाइयों का खर्च आसानी से उठा सकते हैं और बाग को बेहतर तरीके से विकसित कर सकते हैं.
जुलाई से सितंबर तक
अंबाला जिले में पहले से ही कई किसान अमरूद, आम, नींबू, बेर और आड़ू के बाग लगाकर अच्छी कमाई कर रहे हैं. अब बागवानी विभाग किसानों को आंवला और जामुन जैसे फलदार पौधों की खेती के लिए भी जागरूक कर रहा है. इन फलों की बाजार में लगातार मांग बनी रहने के कारण किसानों को बेहतर मुनाफा मिल रहा है और कई किसान सालाना लाखों रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं. लोकल 18 से अंबाला के जिला बागवानी अधिकारी डॉ. सत्यनारायण बताते हैं कि जुलाई से सितंबर तक का समय नए बाग लगाने के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है. बारिश के मौसम में पौधों की जड़ें जल्दी विकसित होती हैं और पौधों के जीवित रहने की संभावना भी अधिक रहती है.
अधिक लाभदायक, आय का मजबूत स्रोत
डॉ. सत्यनारायण के मुताबिक, सरकार सभी बागवानी फसलों पर अलग-अलग योजनाओं के तहत 50 प्रतिशत तक अनुदान दे रही है. एक किसान अधिकतम 10 एकड़ तक बाग लगाकर प्रति एकड़ 43 हजार रुपये की सब्सिडी प्राप्त कर सकता है. जुलाई माह में नींबू वर्ग की फसलों को छोड़कर आम, लीची, जामुन, आंवला और आलूबुखारा के बाग लगाए जा सकते हैं. किसानों को आवेदन के लिए ‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’ या हॉर्टनेट पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा. इसके लिए परिवार पहचान पत्र (PPP), बैंक खाते की पासबुक और भूमि संबंधी दस्तावेज आवश्यक हैं. अंबाला में बड़ी संख्या में किसान पहले ही बागवानी अपनाकर सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे हैं. विशेष रूप से आम की बागवानी जिले में सबसे अधिक लोकप्रिय है. डॉ. सत्यनारायण का कहना है कि यदि किसान जुलाई के इस मौसम का सही उपयोग करते हुए बागवानी अपनाते हैं तो आने वाले वर्षों में यह खेती उनके लिए स्थायी और अधिक लाभदायक आय का मजबूत स्रोत साबित हो सकती है.
