हरियाणा राज्यसभा चुनाव को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद अब अदालत तक पहुंच गया है। भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार Satish Nandalद्वारा दायर की गई याचिका पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में मंजूर कर ली गई है। अब हाईकोर्ट जल्द ही इस मामले में सुनवाई की तारीख तय करेगा।
याचिका में ऐलनाबाद से कांग्रेस विधायक Bharat Singh Beniwal के वोट को रद्द करने की मांग की गई है। आरोप लगाया गया है कि उनका वोट गलत तरीके से डाला गया था। यदि अदालत में यह मामला कांग्रेस के खिलाफ जाता है तो पार्टी के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं, क्योंकि कांग्रेस उम्मीदवार Karmveer Boudh बेहद कम अंतर से चुनाव जीते थे।
दरअसल, भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार Satish Nandal सिर्फ एक वोट से चुनाव हार गए थे। ऐसे में अब यह मामला राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है।
सतीश नांदल ने बताया कि उन्होंने 6 अप्रैल 2026 को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। अब अदालत ने याचिका को स्वीकार कर लिया है और जल्द ही सुनवाई की तारीख तय होगी। उन्होंने कहा कि उनकी मांग है कि विधायक भरत सिंह बैनिवाल का वोट रद्द किया जाए।
वहीं ऐलनाबाद विधायक Bharat Singh Beniwal ने इन आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने सुबह करीब साढ़े 11 बजे अपना वोट डाला था और मतदान खत्म होने के बाद भाजपा की ओर से इस मुद्दे को जानबूझकर उठाया गया। उनका कहना है कि रिटर्निंग अधिकारी और चुनाव आयोग पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि मतदान प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी नहीं हुई थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा किसी भी तरह कांग्रेस का एक वोट रद्द करवाने की कोशिश कर रही थी। विधायक ने कहा कि अभी तक उन्हें कानूनी तौर पर कोई नोटिस नहीं मिला है, लेकिन यदि कुछ आता है तो उसका जवाब दिया जाएगा।
राज्यसभा चुनाव के दौरान क्रॉस वोटिंग और रद्द वोटों को लेकर शुरुआत से ही विवाद बना रहा। कांग्रेस के चार वोट और भाजपा का एक वोट रद्द हुआ था। वहीं इंडियन नेशनल लोकदल के दो विधायकों ने मतदान नहीं किया था। भाजपा समर्थित उम्मीदवार की हार में पार्टी का एक वोट रद्द होना बड़ा कारण माना गया।
चुनाव परिणामों के अनुसार कुल 90 विधायकों में से 88 ने मतदान किया था। इनमें से 83 वोट वैध माने गए। भाजपा उम्मीदवार Sanjay Bhatiaको पहली प्राथमिकता के 27.66 वोट मिले, जबकि निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल को 27.34 वोट प्राप्त हुए। कांग्रेस उम्मीदवार कर्मवीर बौद्ध को 28 वोट मिले और वह बेहद मामूली अंतर से विजयी रहे।
अब हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई पर सभी राजनीतिक दलों की नजरें टिकी हुई हैं। माना जा रहा है कि यह मामला हरियाणा की राजनीति में आने वाले दिनों में बड़ा मुद्दा बन सकता है।

