
कहा- जरूरत पड़ने पर इन सभी साक्ष्यों की जांच होगी
Bhabanipur Election, (द भारत ख़बर), कोलकाता: भवानीपुर मतगणना मामले में बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी द्वारा दायर याचिका पर आज कलकत्ता हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। ममता बनर्जी के वकील कल्याण बनर्जी ने अदालत के समक्ष दलीलें पेश की। उन्होंने कोर्ट से आग्रह किया कि इस मामले में शीघ्र आदेश जारी करें, वर्ना सबूत मिटने का खतरा है। कल्याण बनर्जी की इस मांग पर न्यायमूर्ति गौरांग कांत की अदालत ने ईवीएम, वीवीपैट, सीसीटीवी फुटेज और अन्य संबंधित रिकॉर्ड संरक्षित रखने का आदेश दिया।
जस्टिस गौरांग कांत ने मतगणना केंद्र बने शेखावाटी मेमोरियल स्कूल के अंदर और बाहर लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सुरक्षित रखने का भी निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा, जरूरत पड़ने पर इन सभी साक्ष्यों की जांच होगी। अदालत की अनुमति के बिना इन्हें न तो मिटाया जाएगा, न बदला जाएगा, न नष्ट किया जाएगा और न ही इनके साथ किसी तरह की छेड़छाड़ की जाएगी।
15,105 वोटों हारी थी ममता
अदालत ने मामले में सभी संबंधित पक्षों को शामिल करने के आदेश दिए हैं। इसके तहत शुभेंदु अधिकारी, उनके सलाहकार सुभ्रत गुप्ता और सुनील अग्रवाल को पक्षकार बनाया जाएगा। भवानीपुर सीट पर शुभेंदु अधिकारी ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को 15,105 वोटों से हराया था।
ममता बनर्जी ने ये आरोप लगाए
आपको बात दें कि ममता बनर्जी ने 16 जून को भवानीपुर सीट के चुनावी नतीजे को कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। ममता खुद याचिका दाखिल करने हाईकोर्ट पहुंचीं और रिजल्ट की वैधता की जांच करने की मांग की। उन्होंने याचिका में कहा कि चुनाव गलत तरीके से हुआ है।
12 राउंड की काउंटिंग के बाद इलेक्शन एजेंट और मुझे पीटा गया और बाहर कर दिया गया। भवानीपुर सीट से ममता तीन बार विधायक रह चुकी हैं। चुनाव के दौरान उन्होंने मतगणना में गड़बड़ी और अपने साथ मारपीट के आरोप भी लगाए थे।
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