हरियाणा में बजट सत्र से ठीक पहले पेंशनरों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। हरियाणा सरकार ने राज्य की 13 श्रेणियों की सामाजिक सुरक्षा पेंशनों में 200 रुपए प्रति माह की बढ़ोतरी का फैसला लिया है। इस फैसले से प्रदेश के करीब 30 लाख लाभार्थियों को सीधा फायदा मिलेगा। अब पेंशनरों को हर महीने 3200 रुपए से लेकर 14400 रुपए तक की राशि मिलेगी, जिससे बुजुर्गों, दिव्यांगों, विधवाओं और जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देश पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, हरियाणा ने इस संबंध में आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इससे पहले राज्य में 9 प्रमुख कैटेगरी की पेंशन 3000 रुपए प्रतिमाह दी जा रही थी, जिसे अब बढ़ाकर 3200 रुपए कर दिया गया है। सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बढ़ी हुई पेंशन की राशि दो दिनों के भीतर लाभार्थियों के खातों में जारी कर दी जाए।
सरकार के इस फैसले से सबसे ज्यादा राहत एसिड अटैक पीड़ितों को मिली है। विशेष फॉर्मूले के तहत अब 40 से 50 प्रतिशत तक प्रभावित पीड़ितों को 8000 रुपए, 50 से 60 प्रतिशत प्रभावितों को 11200 रुपए और 60 प्रतिशत से अधिक प्रभावितों को 14400 रुपए प्रति माह पेंशन मिलेगी। पहले के मुकाबले यह बढ़ोतरी 500 से 900 रुपए तक की है, जिससे गंभीर रूप से प्रभावित लोगों को आर्थिक सहारा मिलेगा।
इसके अलावा सरकार ने स्कूल नहीं जाने वाले दिव्यांग बच्चों की वित्तीय सहायता में भी वृद्धि की है। इस कैटेगरी में मिलने वाली पेंशन को 2400 रुपए से बढ़ाकर 2600 रुपए प्रति माह कर दिया गया है। वहीं अनाथ बच्चों के लिए दी जाने वाली सहायता राशि में भी बढ़ोतरी की गई है। अब एक बच्चे को 2300 रुपए और दो बच्चों के लिए 4600 रुपए प्रति माह की सहायता दी जाएगी, जो पहले क्रमशः 2100 और 4200 रुपए थी।
कश्मीर से विस्थापित परिवारों के लिए भी सरकार ने राहत दी है। अब एक व्यक्ति को मिलने वाली पेंशन 1500 रुपए से बढ़ाकर 1700 रुपए और पूरे परिवार को मिलने वाली पेंशन 7500 रुपए से बढ़ाकर 8500 रुपए कर दी गई है। इस फैसले से विस्थापित परिवारों को बेहतर आर्थिक सहयोग मिलेगा।
दरअसल, पिछले कुछ समय से पेंशन को लेकर विपक्ष, खासकर कांग्रेस, लगातार सरकार पर दबाव बना रही थी। बुजुर्गों की पेंशन में कटौती और बढ़ोतरी नहीं होने के मुद्दे पर सरकार की आलोचना हो रही थी। ऐसे में 20 फरवरी से शुरू होने वाले बजट सत्र से पहले सरकार का यह फैसला राजनीतिक और सामाजिक दोनों दृष्टि से अहम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने हाल ही में एक उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि किसी भी पात्र लाभार्थी की पेंशन बिना उचित कारण के रोकी नहीं जाए। जिन मामलों में दस्तावेजों की कमी है, वहां लाभार्थियों को सूचित कर सुधार का मौका दिया जाए, लेकिन पेंशन रोकने या काटने की कार्रवाई नहीं की जाए। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि बढ़ी हुई पेंशन का लाभ नवंबर 2025 से लागू माना जाएगा और लंबित राशि भी लाभार्थियों को जारी की जाएगी।
सरकार के इस फैसले से राज्य के लाखों परिवारों को सीधा आर्थिक फायदा मिलेगा और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को और मजबूती मिलेगी। आने वाले बजट सत्र से पहले लिया गया यह निर्णय सरकार की सामाजिक सुरक्षा नीति का महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


