नई दिल्ली. पिछले कुछ दिनों में सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरने वाले क्रिकेटर बंगाल के विकेटकीपर-बल्लेबाज अभिषेक पोरेल ने रणजी ट्रॉफी में जबरदस्त वापसी की. उनके ऊपर रेप का आरोप लगा और 36 दिन तक जेल में रहना पड़ा. टूर्नामेंट से कुछ दिन पहले ही वो जमानत पर बाहर निकले हैं. सोमवार को रणजी ट्रॉफी के ग्रुप सी मुकाबले में दिल्ली के खिलाफ अभिषेक ने शतक जड़ा. इसके बाद पोरेल मैदान पर ही भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू निकल पड़े.
बंगाल के विकेटकीपर बल्लेबाज ने दिन का खेल खत्म होने के बाद अपनी भावनाओं को जाहिर किया. अपने खिलाफ दर्ज कथित दुष्कर्म मामले को लेकर भी प्रतिक्रिया दी. पोरेल ने कहा, “मैं रोना नहीं चाहता था ये अपने आप हो गया. मेरा सेलिब्रेशन मैसेज था कि मैं इस बारे में कुछ नहीं कहना चाहता. मैं सिर्फ क्रिकेट खेलना चाहता हूं. मैं हर किसी को अपने खेल के जरिए जवाब देना चाहता हूं.”
उन्होंने आगे कहा, “मैंने एक अलग दुनिया और अलग ब्रह्मांड में जीना सीखा है. वहां से मैंने कई सकारात्मक चीजें सीखी हैं, जिन्होंने मुझे मानसिक रूप से मजबूत बनाया है. हर दिन, हर मिनट और हर सेकंड ने बल्लेबाजी करते समय मुझे लगातार याद दिलाया कि मैं अपनी जुबान से नहीं, बल्कि अपने बल्ले से जवाब दूंगा.”
रणजी ट्रॉफी के पहले मुकाबले में दिल्ली की पहली पारी में 240 रन पर ऑलआउट हुई. इसके बाद बंगाल की टीम ने पहली पारी में 429 रन बना डाले. सोमवार को अभिषेक पोरेल 161 गेंद पर नाबाद 114 रन की पारी खेली. उन्होंने अपनी पारी से तमाम आलोचकों को जवाब दिया. दिल्ली के खिलाफ 228 गेंद का सामना करने के बाद 17 चौके और 1 छक्के की मदद से कुल 149 रन की मैराथन पारी खेल डाली. उनकी इस बेहतरीन पारी ने टीम को 189 रन की बड़ी बढ़त हासिल करने में मदद की.
अभिषेक पोरेल के खिलाफ कर्नाटक की एक युवा मेडिकल छात्रा ने 23 जून को मोगरा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि दोनों करीब साढ़े तीन साल से रिश्ते में थे. उन्होंने शादी करने की योजना बनाई थी. महिला ने यह भी आरोप लगाया कि दोनों विदेश यात्रा पर साथ गए थे. बाद में पोरेल ने उनके रिश्ते से इनकार कर दिया. इसके बाद उसने पुलिस से संपर्क किया. शिकायत के मुताबिक, करीब डेढ़ साल पहले भी दोनों के बीच विवाद हुआ था. जिसके बाद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा था. उस समय कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी.
जून में शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की. पुलिस की टीमें चंदननगर स्थित पोरेल के आवास पर कई बार पहुंचीं, लेकिन वह वहां नहीं मिले. इसके बाद शिकायतकर्ता ने कलकत्ता हाई कोर्ट का रुख किया. अदालत की कार्यवाही के दौरान कथित दुष्कर्म के अलावा आपराधिक धमकी और अन्य अपराधों से जुड़े आरोप भी सामने आए. रिपोर्ट के मुताबिक, 20 जुलाई को अदालत ने पुलिस को पोरेल को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया था. फिलहाल अभिषेक पोरेल जमानत पर बाहर हैं। उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों पर कानूनी प्रक्रिया जारी है. इन आरोपों को अदालत में साबित किया जाना बाकी है.

