पर्यावरण मंत्री बोले, सरकार ने हवा को साफ करने के लिए जो भी उपाय किए हैं, उसमें ढिलाई नहीं चाहती
Delhi Breaking News (द भारत ख़बर), नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली प्रदूषित हवा से हांफ रही है। सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि प्रदूषण का स्तर किसी तरह से कम हो लेकिन ऐसा होता दिखाई नहीं दे रहा। यही कारण है कि ग्रैप चार के नियम लागू होने के बावजूद दिल्ली में एक्यूआई 450 से ऊपर बना हुआ है। इसी बीच दिल्ली के पर्यावरण मत्री मनजिंदर सिंह सिरसा का एक बड़ा बयान सामने आया है।
उन्होंने कहा है कि दिल्ली में प्रदूषण के खिलाफ सरकार की ओर से और सख्ती बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। 50 फीसदी वर्क फ्रॉम होम का पालन न करने वाली निजी कंपनियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे कार्यालय सील किए जाएंगे। सरकार ने तय किया है कि सुविधाएं जरूरी हैं, लेकिन नियम मानना भी सबके लिए उतना ही अनिवार्य है। नियम तोड़ने वाले उद्योगों को अब राहत नहीं मिलेगी और गैर अनुपालन पर तुरंत सीलिंग होगी।
नो पीयूसी, नो फ्यूल नियम सख्ती से लागू रहेगा
सरकार ने हवा को साफ करने के लिए जो भी उपाय किए हैं, उसमें ढिलाई नहीं चाहती। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि नो पीयूसी, नो फ्यूल नियम सख्ती से लागू रहेगा। अभी तक 2 लाख से अधिक वाहनों की पीयूसी जांची है और सर्टिफिकेट जारी किए हैं। इनमें से करीब 10 हजार वाहन उत्सर्जन मानकों पर खरे नहीं उतरे। पीयूसी व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए सभी केंद्रों को आधुनिक मशीनों से अपग्रेड किया जा रहा है। जांच में पारदर्शिता लाने के लिए थर्ड पार्टी सिस्टम लागू किया जा रहा है और परिवहन विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। एएनपीआर कैमरों में तकनीकी खामियों की शिकायतों पर मंत्री ने कहा कि परिवहन विभाग मामले को देख रहा है।
एमसीडी और डीपीसीसी जांच रहे अवैध उद्योग
प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों के खिलाफ सोमवार से अभियान और तेज कर दिया गया है। मंत्री ने चेतावनी दी कि जो भी औद्योगिक इकाई वायु प्रदूषण नियमों का उल्लंघन करती पाई गई, उसे तुरंत सील किया जाएगा। 31 दिसंबर तक ओईसीएम सर्टिफिकेशन के लिए आवेदन नहीं करने वाले उद्योगों पर भी सख्त कार्रवाई होगी। एमसीडी और डीपीसीसी मिलकर अवैध और अनधिकृत औद्योगिक यूनिट्स की पहचान कर रहे हैं और ऐसी सभी इकाइयों को बंद किया जाएगा।
दिसंबर में इस तरह रही प्रदूषण की स्थिति
इस साल दिसंबर में हालात कहीं ज्यादा खराब हैं। 1 से 8 दिसंबर तक लगातार एक्यूआई 300 से ऊपर दर्ज किया गया, यानी हवा लगातार बहुत खराब रही। बीच में केवल दो दिनों के लिए थोड़ी राहत मिली, जब एक्यूआई खराब श्रेणी तक नीचे आया, लेकिन 11 दिसंबर से प्रदूषण फिर रेड जोन में लौट गया और तब से वहीं बना हुआ है। इन दो दिनों को छोड़ दिया जाए, तो पूरे महीने दिल्ली की हवा अधिकतर समय बहुत खराब श्रेणी में रही है। सीपीसीबी के मानकों के मुताबिक, एक्यूआई 0 से 50 के बीच होने पर हवा को अच्छा, 51 से 100 संतोषजनक, 101 से 200 मध्यम, 201 से 300 खराब, 301 से 400 बहुत खराब और 401 से 500 गंभीर माना जाता है।
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