केन्या में टाटा की सहायक कंपनी टाटा केमिकल्स को बड़ा झटका लगा है। केन्या के राष्ट्रपति विलियम रुटो ने टाटा केमिकल्स को केन्या में अपना कामकाज रोकने का आदेश दिया है। राष्ट्रपति ने गुरुवार को कहा कि कंपनी की मौजूदगी से देश को कोई फायदा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार टाटा केमिकल्स का कामकाज संभालने के लिए दो नई कंपनियां लाएगी।
टाटा ने जुलाई में दी जानकारी
टाटा ने जुलाई के आखिर में कहा था कि केन्या सरकार ने उसकी यूनिट, टाटा केमिकल्स लिमिटेड को मगाडी सोडा फैक्ट्री में कामकाज रोकने और सोडा ऐश का एक्सपोर्ट बंद करने का आदेश दिया है। टाटा केमिकल्स ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि वह केन्या सरकार के अधिकार का सम्मान करती है और ”मामलों को सुलझाने के लिए सही कानूनी और रेगुलेटरी चैनलों के ज़रिए रचनात्मक बातचीत” के लिए प्रतिबद्ध है। टाटा केमिकल्स ने कहा कि उसकी यूनिट ने मंत्रालय द्वारा उठाए गए मामलों पर ”विस्तृत” जवाब दिया है, जिसमें लागू रेगुलेटरी ज़रूरतों का पालन करने से जुड़ी जानकारी भी शामिल है।
कुछ भी न करने का आरोप
मगाडी दक्षिणी केन्या की काजियाडो काउंटी में एक टाउनशिप है, जहां रुटो ने गुरुवार को दौरा किया था। रुटो ने कहा, ”उस टाटा कंपनी के पास 100 साल का कॉन्ट्रैक्ट था। उन्होंने काजियाडो में कुछ भी नहीं बनाया है, उन्होंने काजियाडो में कोई फैक्ट्री नहीं बनाई है।”
टाटा की जगह नई कंपनियां
रुटो ने कहा, ”हमने कहा है कि हम एक नई कंपनी लाएंगे और उन्हें यहां काजियाडो में एक बड़ी ग्लास कंपनी लगानी चाहिए। और एक और कंपनी जो यहां काजियाडो में केमिकल बनाए। क्या हम दूसरे लोगों के गुलाम हैं?” वहीं, टाटा केमिकल्स ने कहा कि उसकी ”प्राथमिकता हमारे कर्मचारियों, मगाडी समुदाय, केन्या में हमारे स्टेकहोल्डर्स की भलाई और केन्या का लगातार आर्थिक विकास है।”

